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उत्तराखंड में कई जानें बचाने वाले अभय को राष्ट्रपति वायुसेना पदक
जोधपुर. फलौदी एयरफोर्स स्टेशन पर एमआई-17 वी-5 हेलिकॉप्टर यूनिट में तैनात विंग कमांडर अभय सतीश परांदेकर वीरता और बहादुरी की मिसाल हैं। पिछले साल जून में उत्तराखंड में भारी तबाही के दौरान उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना एक माह तक लगातार हेलिकॉप्टर से 255 उड़ानें भरी और 2 हजार 344 लोगों की जान बचाई थी। उनकी वीरता को सैल्यूट करने के लिए गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति वायुसेना वीरता पदक की घोषणा की जाएगी। फिर आर्मी अथवा एयरफोर्स- डे पर राष्ट्रपति के हाथों उन्हें यह मेडल दिया जाएगा।
उफान मारती भागीरथी नदी से 17 विदेशी पर्यटकों को निकाला
विंग कमांडर अभय सतीश को 23 जून 2013 को सूचित किया गया कि उत्तराखंड में हर्षिल के पास भागीरथी नदी में 17 विदेशी पर्यटक फंसे हुए हैं। देरी करना उनकी जान के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। अभय सतीश ने तत्काल हेलिकॉप्टर से उड़ान भरी और बेहद खतरे वाले क्षेत्र तक जा पहुंचे। आसमान से जमीन पर बहुत अस्पष्ट नजर आ रहा था, इसलिए नीची उड़ान भरना भी खतरे से खाली नहीं था। वह भी उस स्थिति में जब एक हेलिकॉप्टर उसी क्षेत्र में क्रैश हो चुका था। परंतु अभय सतीश ने सूझबूझ व बहादुरी से काम लेते हुए हेलिकॉप्टर उतारा और इन विदेशी पर्यटकों के साथ तीन भारतीयों को भी सकुशल निकाल लिया।
बिना थके लगातार उड़ानें भरी और सैकड़ों जानें बचाई
अभय सतीश बाढ़ के हालात में जूझ रही जानों को देख कर विचलित हो उठे, उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को बचाने का हौसला जुटाया और अगले एक माह तक लगातार 255 उड़ानें भर कर 2 हजार 344 लोगों को ही नहीं बचाया, बल्कि 78.6 टन राहत सामग्री भी प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचाई। उनकी इसी बहादुरी के कारण राष्ट्रपति वायुसेना वीरता पदक से सम्मानित किया जा रहा है।
अभय को राष्ट्रपति वायुसेना पदक मिलेगा
॥विंग कमांडर अभय सतीश को राष्ट्रपति वायुसेना वीरता पदक दिया जाएगा। इसकी घोषणा 26 जनवरी को होगी।ञ्ज
कर्नल एसडी गोस्वामी, रक्षा प्रवक्ता