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सत्संग जीवन को जीने का महत्व प्रदान करती है: स्वामी लक्षानंद

8 वर्ष पहले
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बिलाड़ा - कस्बे के जेतीवास रोड स्थित गणेश अपरोक्ष आश्रम पंचमुखी धाम में शुक्रवार को पांच कुंडीय यज्ञ के साथ श्रीराम कथा सत्संग व पंचमुखी बालाजी मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। समारोह का शुभारंभ पांच कुंडीय यज्ञ के साथ हुआ। पांच दिन तक चलने वाले इस यज्ञ में पहले दिन 20 जोड़े बैठे और यज्ञ में आहुतियां प्रदान की। गुजरात के यज्ञाचार्य दीपक भाई ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ में आहुतियां प्रदान करवाई। यज्ञ के बाद आरंभ हुई पांच दिवसीय श्रीराम कथा सत्संग में प्रवचन करते हुए संत लक्षानंद महाराज ने कहा कि सत्संग मनुष्य को जीवन जीने के महत्व के बारे में ज्ञान व रास्ता प्रदान करती है। वैदिक ग्रंथों में मानव को सभ्यता व संस्कृति के साथ मानव जीवन को जीने की विधि का भी उल्लेख है। वेद ही हमें जीवन को सही तरीके से जीने व परोपकार कर अपनी बात व वचन पर अडिग रहने के संदेश प्रदान करते हैं। आश्रम के संत गणेशराम ने बताया कि कथा सत्संग का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 12 से 3 बजे तक होगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का समापन 15 अप्रैल को पंचमुखी बालाजी मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव व संत सम्मेलन के साथ होगा।