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डाउनलोड करेंहनुमानगढ़। भादरा तहसील के गांव भरवाना में सरपंच व ग्राम सचिव द्वारा करीब 72 लाख रुपए की भूमि खुर्द-बुर्द करने के मामले में पंचायती राज विभाग को पुलिस का सहयोग नहीं मिल रहा है। विभागीय जांच में भूमि को खुर्द-बुर्द कर पट्टे जारी करने का मामला साबित होने पर भादरा पंचायत समिति के बीडीओ ने 20 दिसंबर को गोगामेड़ी थाने में शिकायत की थी लेकिन 30 जनवरी तक पुलिस ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की।
अब जिला परिषद सीईओ ने खुद पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इसके अलावा जिला परिषद की ओर से भ्रष्टचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक को भी कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है।
"भरवाना गांव में फर्जी दस्तावेज से पट्टे बनाने का मामला जांच में सामने आया था। इस संबंध में पुलिस कार्रवाई के संबंध में बीडीओ अधिक बता सकते हैं।" - रामनिवास जाट, सीईओ, जिला परिषद
"पुलिस थाने में 20 दिसंबर को शिकायत कर दी गई थी। पुलिस की ओर से जांच की बात कही गई है। ग्राम सचिव को पंचायत समिति मुख्यालय पर लगाया गया है।" - गोपीराम भांभू, बीडीओ, भादरा पंचायत समिति
"मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है। सीईओ खुद मुझसे बात कर सकते थे। उनके पत्र मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।" - शरत कविराज, पुलिस अधीक्षक
भादरा पंचायत समिति के गांव भरवाना में फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर ग्राम पंचायत की 3.75 हेक्टेयर आबादी भूमि के पट्टे जारी करने की शिकायत मिली थी। जिला परिषद सीईओ ने इस मामले की जांच की ओर शिकायत को सही पाया। इस मामले में सरपंच रणवीर सिंह व ग्राम सचिव सत्यनारायण शर्मा के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को शिकायत की गई।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि 20 दिसंबर को यह शिकायत गोगामेड़ी थाने को भिजवाई गई और इसके साथ पंचायती राज विभाग की जांच रिपोर्ट भी संलग्न की गई। इसके बाद भी पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया और आगे जांच की बात कही। एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कार्रवाई न होने पर जिला परिषद सीईओ को खुद ही पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखना पड़ा।
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