सुविधाओं को तरसे जनता के रक्षक
कार्यालय संवाददाता - करौली
जहां एक ओर पुलिस जनता की सुरक्षा व समस्याओं के निपटने के लिए हर परिस्थिति में आगे रहती है वहीं मूलभूत सुविधाओं में पुलिस सबसे पीछे चल रही है। पुलिस लाईन में पुलिसकर्मियों के लिए किसी भी प्रकार के क्वाटर्स उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पुलिसकर्मियों को या तो पाटौरों में रहना पड़ रहा है या फिर किराए के मकानों में अपना आशियाना बनाए हुए है। पाटौरपोश में रखने वाले पुलिसकर्मी सर्द हवाओं व गर्म लू का सामना तो करते ही है साथ ही बरसात में भी उन्हें भीगने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर खाने के लिए बनाई गई मैस की भी यहीं हालत है। जिसके चलते पुलिसकर्मियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि दूसरी ओर मंडरायल रोड पर कराड़ों रुपए की लागत से बनी हुई नवीन पुलिस लाइन बिजली निगम व जलदाय विभाग की लापरवाही के चलते शोपीस बनी हुई है।
शौचालय तक की व्यवस्था नहीं
गौरतलब है कि जिला बनने के साथ ही पुलिस लाईन की व्यवस्था राजकीय महाविद्यालय के पीछे स्थित डाईट के भवन में कर दी गई। तभी से पुलिस लाईन इसी भवन में संचालित है लेकिन इस ंभवन में पुलिस के लिए किसी तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। जवानों को सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सुबह शौच के लिए जवानों को शौचालय की व्यवस्था नहीं होने के कारण जंगलों में शौच करने के लिए जाना पड़ता है तो सोने के लिए पर्याप्त कमरे भी नहीं है। इसके कारण पुलिस कर्मचारियों को किराए के भवनों में रहना पड़ रहा है। वहीं जो पुलिस
के कर्मचारी लाइन में रह रहे है। उन्हें सर्दी में सर्द हवाओं का, गर्मी में लू का तो बारिस में पाटौर से पानी के ठपकों और आरसीसी भवन से पानी रिसाव का सामना करना पड़ता है। तो खाने की
सुविधा भी टीनशैड के नीचे अस्थाई रुप से बनाए गए रसोई घर में हो रही है। वहीं परेड ग्राउंड भी व्यवस्थित नहीं है। ऐसे में अलवर व किशनगढ़ ट्रेनिंग के लिए लगभग 250 पुलिस जवानों के वापस आने पर उनकी व्यवस्था करने में भी पुलिस कर्मचारियों के पसीने छूटने शुरु हो जाएगें।
लाखों के 122 क्वाटर्स हो रहे हैं जर्जर
सार्वजनिक निर्माण विभाग के प्राप्त आंकड़ों से पुलिस आवासों में कुल 122 क्वाटर्स के लिए 713.51 लाख रुपए स्वीकृत हुए थे। जिसे पूर्ण होने में विभाग द्वारा 648.47 लाख का व्यय किया गया। इसके अतिरिक्त 14.31 लाख रुपए का व्यय बिजली कनेक्शन के लिए, जल व्यवस्था के लिए 31 अक्टूबर 2011 को 46.20 लाख रुपए की राशि अधिशासी अभियंता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग खंड करौली में जमा कराए गए। वहीं 29 मई 2009 को 32.50 लाख रुपए विद्युत लाईन एवं कनेक्शन के लिए अधिशासी अभियंता सानिवि विद्युत खंड भरतपुर को जमा कराए गए। इधर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता हरिसिंह मीणा को विद्युत विभाग व जलदाय विभाग में जनवरी 2014 तक कार्य पूर्ण होने की बात कही थी लेकिन अभी तक कार्य पूरा नहीं हो पाया है। वहीं भवन बनने के सालों बाद भी अनुपयोगी होने के कारण भवन भी जर्जर हो रहा है। जिससे सुव्यवस्थित करने में ठेकेदार को लाखों रुपए का नुकसान उठाना पड़ेगा।
जवानों को हो रही है असुविधाएं
॥पुलिस लाइन के लिए उपलब्ध भवन इस समय बारिश के कारण जगह-जगह से रिसाव हो रहा है। पुलिस के जवानों को रहने की व्यवस्था भी नहीं है। नफरी बढऩे पर काफी परेशानियों का सामना करना पड सकता है।
एसआई धीरसिंह
कार्यवाहक आरआई, पुलिस लाइन करौली
॥नवीन पुलिस लाइन में अभी पानी की व्यवस्था नहीं हो पाई है लेकिन संबंधित विभागीय अधिकारियों से बात कर शीघ्र पुलिस लाइन को शिफ्ट करने की व्यवस्था की जा रही है। इससे पुलिस के जवानों को सुविधाएं मुहैया कराई जा सके।
योगेश यादव
पुलिस अधीक्षक, जिला करौली
॥हमने लगभग दो महिने पहले ही हमारा काम पूरा कर दिया है, लेकिन बिजली निगम ने अभी भी पंप हाऊस में कनेक्शन नहीं किया है। हालांकि 20 दिन पहले ट्रांसफार्मर रखा जा चुका है। बिजली निगम के अधिकारियों से रोज बात करते है। अगर बिजली विभाग कनेक्शन कर दे तो पानी की व्यवस्था हो जाएगी।
रविन्द्र मीणा
सहायक अभिंयता, जलदाय विभाग, करौली
॥पुलिस लाइन का काम पूरा हो चुका है और लाइन भी चालू है। क्वाटर्स के लिए डिमांड नोटिस भी जारी कर दिए है। पंप हाऊस में ट्रांसफार्मर रख दिया है और मीटर में कल कनेक्शन करा दिया जाएगा।
बी.एस. गुप्ता
अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम, करौली
एक कमरे में १४ महिला कांस्टेबल
अभी हाल ही में हुई भर्ती के दौरान लगभग 14 महिला कांस्टेबलों का चयन किया गया। इनकी ट्रेनिंग अभी जारी है। ऐसे में पुलिस लाईन में व्यवस्था नहीं होने के कारण महिला कांस्टेबल((आर.टी)) कोतवाली के पास स्थित कंट्रोल रुम के एक कमरे में रह रही है। इन्हें सुबह परेड व हाजरी के लिए आना पड़ता है। इससे उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
140 लाख रुपए की पड़ेगी आवश्यकता
सानिवि के अधिशाषी अभियंता हरिसिंह मीणा ने बताया कि पुलिस लाईन के 122 क्वाटर्स को उपयोगी बनाने के लिए रेलिंग, सड़क निर्माण एवं चार दीवारी आदि कार्यो के लिए अभी 140 लाख रुपए की अतिरिक्त आवश्यकता पड़ेगी। इसका तकमीना मुख्य अभियंता सानिवि जयपुर को भिजवाया जा चुका है।
न खाने की जगह, न रहने का ठिकाना, फिर सर्द हवाओं और गरम लू से जंग, बिजली निगम की लापरवाही के कारण करोड़ों रुपए की पुलिस लाइन बनी शोपीस