पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • दस्तखत कर चले गए अधिकारी और सदस्यों ने भी दिखाई बेरुखी

दस्तखत कर चले गए अधिकारी और सदस्यों ने भी दिखाई बेरुखी

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
कार्यालय संवाददाता - करौली
पंचायती राज विभाग की ओर से जेंडर संवेदी शासन मुद्दों पर जैन नसियां में गुरुवार पंचायत समिति स्तरीय राजस्थान पंचायती राज रिफ्रेेशर आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में ब्लॉक स्तरीय अधिकारी हस्ताक्षर कर चलते बने तो पंचायत समिति सदस्यों ने भी खासी रूचि नहीं दिखाई। अपेक्षित संभागियों के उपस्थित नहीं होने से प्रशिक्षण कार्यशाला महज औपचारिक रही।
गौरतलब है कि 23 व 24 जनवरी को राज्य की 248 पंचायत समितियों में जेंडर संवेदी शासन मुद्दों पर आधारित पंचायत समिति स्तरीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित करना राज्य सरकार ने निर्धारित किया है। इसी के तहत स्थानीय पंचायत समिति की ओर से दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला यहां जैन नसियां में गुरूवार से शुरू की गई है। इसमें ब्लॉक अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति औपचारिक तौर पर दिखाई। एकमात्र सीडीपीओ मोहरबाई मीना को छोड़कर अन्य चार विभागों के अधिकारी हस्ताक्षर कर वापस चले गए। वहीं अपेक्षित सदस्यों के कार्यशाला में भाग नहीं लेने से प्रशिक्षण कार्यक्रम मजाक सा बन गया। दोपहर करीब दो बजे अचानक मीडियाकर्मियों के पहुंचने पर आयोजकों ने कार्यशाला भवन के बाहर घूम रहे कुछ जनप्रतिनिधि संभागियों को बुलाकर कुर्सियों पर बैठाया गया। जब उपस्थित रजिस्टर को देखा तो हस्ताक्षर करने वाले अधिकारियों में से एक को छोड़कर सब अनुपस्थित दिखाई दिए। जबकि कुल पंस सदस्य 25 में से प्रधान विद्यादेवी सैनी सहित कुल दस संभागियों की उपस्थिति दर्ज मिली।
विभाग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार कार्यशाला में जेंडर संवेदी शासन के लिए वांछित प्रमुख मुद्दों पर विचार-मंथन, शासन में कौन, क्या, कैसे, नेतृत्व कौशल गुणों की साझा पहचान, आत्मावलोकन, मानव अधिकार परिप्रेक्ष्य एवं जेंडर समानता महिला समर्थक कानूनों की समझ, कन्या भ्रूण हत्या एवं गिरते लिंगानुपात की रोकथाम पर चेतना फिल्म के माध्यम से जानकारी देना निर्धारित है। प्रश्न पिटारी खेल के रूप में जेंडर शासन, गुण व महिलाओं के अधिकारों से संबंधित प्रश्नोत्तरी, महिला सभा कब, कहां, कैसे करनी है आदि जानकारी तथा महिला जनप्रतिनिधियों के सशक्त करने का सामूहिक संकल्प प्रमुख रूप से शामिल है। पहले दिन संभागियों का पंजीयन कर विभाग ने महिला जनप्रतिनिधियों की सफल कहानियां वाली पुस्तक व स्टेशनी सामग्री बांटी गई।
खास बात यह है कि करौली पंचायत समिति के कुल 25 सदस्यों में 13 महिला प्रतिनिधियों की संख्या है। कार्यशाला में प्रधान विद्यादेवी सैनी, सदस्य शकुंतला सैनी अटा, सुशीला गुर्जर खेडा राजगढ़, गुड्डी हरिजन मासलपुर, चंदरीदेवी मीना खोखनपुरा व ईतबाई जाटव रौंडकला महिला सदस्य के रूप में उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर थे मगर मौके पर तीन महिला ही बैठी नजर आई। जबकि अन्य सदस्यों में उप प्रधान मनोज गोयल, परशु मीना गेरई, प्रेमसिंह मीना गाधौली व लाखन सिंह सैनी ऊंचागांव ने भाग लिया।
इधर ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों में ब्लॉक सीएमएचओ डॉ.अशोक जैन, कृषि अधिकारी सियाराम मीना, बीईईओ बाबूलाल मीना, सीडीपीओ मोहरबाई मीना व एबीईईओ ओमप्रकाश गुप्ता के अलावा पंस के विकास अधिकारी रामप्रकाश गालव ने कार्यशाला में उपस्थिति महज औपचारिक दर्शायी। इनमें से कार्यशाला में मात्र सीडीपीओ को छोड़कर एक भी अधिकारी मौजूद नहीं मिला। जबकि दक्ष प्रशिक्षक के तौर पर पंचायत प्रसार अधिकारी परशुराम शर्मा, प्रगति प्रसार अधिकारी नरोत्तम मीना, राजकुमार शर्मा व रमेशचंद माली मौजूद थे। ट्रेनर के रूप में पूर्व पंस सदस्य हेतराम गुर्जर मौजूद नहीं थे।



पंचायती राज रिफ्रेेशर आवासीय प्रशिक्षण महज खानापूर्ति रहा