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जाके हृदय दंभ नहीं माया, ताके हृदय बसहु रघुराया
भास्कर न्यूज - टोडाभीम
दीन दुखियों के हृदय में ही भगवान का निवास होता है। दीन दुखियों को सताना भगवान को सताना है। जिस प्रकार भगवान श्री
कृष्ण ने अपने बचपन के मित्र सुदामा को खुद से ज्यादा अमीर बना दिया, उससे इस बात का प्रमाण मिलता है कि भगवान दीन दुखियों पर जल्दी ही प्रसन्न हो जाते हैं। यह बात
गांव झाडीसा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में सोमवार को प्रवचन देते हुए आचार्य मिथलेश शास्त्री झारेड़ा ने बताई।
भागवताचार्य ने कहा कि जिन्हें माया का कोई घमंड नहीं हो वे भगवान को अति प्रिय होते है। इस बात का उल्लेख रामायण जी में भी किया गया है कि जाके हृदय दंभ नहीं माया ताके ह्रदय बसहु रघुराया, अर्थात जिसके दिल में माया
यानि धन संपत्ति का कोई घमंड नहीं होता भगवान उनके हृदय में निवास करते है तथा उनकी सदैव रक्षा करते है। उन्होंने भागवत सप्ताह के
महात्मय का उल्लेख करते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को बताया कि इस युग में भागवत कथा कल्पवृक्ष के समान है। इसके
श्रवण करने से न केवल पापों से ही मुक्ति
मिलती है बल्कि मनुष्य मोक्ष को प्राप्त करते है। लेकिन इसके लिये मनुष्य का ध्यान से
कथा का श्रवण करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि गरीबो एवं दीनो की सेवा करना ही
भगवान की सच्ची सेवा है। मनुष्य अगर दीन दुखियों को सताएगा तो उसका कल्याण होना संभव नहीं है।
समापन पर भंडारा कल
गांव झाडीसा में आयोजित भागवत कथा के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन बुधवार को होगा। इस भंडारे में स्थानीय ग्रामीणों सहित आसपास के दर्जनों गांवों के ग्रामीण भागवत प्रसादी पाएंगे।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया
नादौती - कैमा में माली मोहल्ले में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में सोमवार को श्रीकृष्ण का जन्म उत्सव धूम-धाम से मनाया। श्रद्धालुओं ने
जन्म उत्सव पर श्रीकृष्ण-बलराम के जयकारे लगाए और हाथी दिए, घोड़े दिए और दी पालकी भजन पर नृत्य किया।
भगवताचार्य ब्रह्मानंद शास्त्री ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, पापियों का नाश करने के लिए ईश्वर अवतार लेता है। मथुरा नरेश कंस के अत्याचार से सब दु:खी हो गए थे। श्रीकृष्ण ने जन्म लिया और पापी कंस का वध कर लोगों को उसके अत्याचार से मुक्ति दिलाई। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर श्रद्धालुओं ने नंद व यशोदा को पुत्र जन्म की बधाई दी। श्रीमद् भागवत कथा चिरंजी लाल सैनी के निवास पर चल रही है। सेठी, बुद्धराम, घनश्याम, रामकिशोर, आदेश भाई सहित गांव के सैकड़ों श्रद्धालु कथा का श्रवण कर रहे है।