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गांवों में 24 घंटे बिजली का वादा थोथा साबित

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज क्च चौथ का बरवाड़ा
वसुंधरा सरकार 24 घंटे घरेलू बिजली देने का दावा थोथा साबित हो रहा है। वसुंधरा ने चुनाव के बाद 24 घंटे बिजली देने का दावा किया था लेकिन क्षेत्र में काफी कम बिजली मिल रही है। यह हाल सर्दियों में है जब बिजली की खपत काफी कम है। इसके बावजूद लोगों को दिनभर में 12 से 15 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। पिछले कुछ दिनों से स्थिति काफी बिगड़ी हुई है।
उपखंड मुख्यालय पर दिन के समय काफी कम बिजली मिलती है। दिन में 4 या 5 घंटे बिजली बड़ी मुश्किल से आ पा रही है। सोमवार को इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक को अवगत कराया गया था लेकिन स्थिति और बिगड़ गई है। मंगलवार को पूरे दिन बिजली गुल रही। लोगों का कहना है कि सरकार ने 24 घंटे का वादा किया था, तो समुचित बिजली की आपूर्ति क्यों नहीं हो पा रही है। ऐसे में सरकार का वादा लोगों के लिए अब तक छलावा साबित हो रहा है।
११ केवी लाइन का तार टूटा, हादसा टला
भाड़ौती-!- भारजा नदी गांव के कांच की झोपड़ी में सोमवार रात 3 बजे 11 केवी बिजली का तार टूटकर नीचे गिर गया। उस समय कोई भी व्यक्ति नीचे नहीं होने के कारण बड़ा हादसा टल गया। इसके कारण शाम पांच बजे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार रात 11 केवी लाइन का तार टूटकर नीचे गिर गया, जिसमें करंट दौड़ रहा था। ग्रामीणों ने इस बारे में लाइनमैन को फोन कर अवगत कराने की कोशिश की, लेकिन लाइनमैन ने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद उन्होंने कनिष्ठ अभियंता को फोन मिलाया। उन्होंने भी फोन रिसीव नहीं किया। अंत में ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता को फोन कर तार टूटने की सूचना दी तथा इसके बाद तार की बिजली आपूर्ति बंद की गई। तार ठीक नहीं करने के कारण गांव में मंगलवाल को बिजली आपूर्ति नहीं हुई। ग्रामीणों ने निगम के कर्मचारियों पर आरोप लगाया की मेंटिनेंस कार्य नहीं करने के कारण लाइन बुरी तरह जर्जर हो गए है तथा कर्मचारी इस ओर कोई ध्यान नहीं देते है। इसी कारण पूर्व में भी दहलोत गांव में करंट से एक युवक की मौत हो गई थी।
रातभर अंधेरे में डूबे रहे 20 गांव
मलारना डूंगर-!- क्षेत्र में डेढ़ दर्जन से अधिक गांव सोमवार को अंधेरे में डूबे रहे। सोमवार रात दस बजे बिजली गुल हो गई जो मंगलवार सुबह 11:00 बजे जाकर सुचारू हो पाई। बिजली के अभाव मलारना डूंगर, मलारना स्टेशन, बहतेड़, माणोली, बिच्छीदोना, सांकड़ा, मकसूदनपुरा आदि 20 से अधिक गांव में अंधेरा छाया रहा। निगम कर्मियों के अनुसार भाड़ौती मोड़ के पास 33 केवी का तार टूट जाने से यह समस्या आ गई थी।
चकेरी-!- कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में सोमवार रात को अचानक बिजली गुल हो गई। ऐसे में उपभोक्ताओं को रातभर अंधेरे में बितानी पड़ी। गांव के रामप्रसाद, हरिराम, हरिकेश आदि उपभोक्ताओं ने बताया कि रात 8:00 बजे से सुबह 5 बजे तक नियमित सिंगल फेज बिजली देने के निर्देश होने के बाद भी बिजली सप्लाई ठीक प्रकार से नहीं हो पा रही है। बिजली के अभाव में ग्रामीणों को काफी परेशानी होती है। जब इस संबंध में निगम के अधिकारियों से बात की जाती है तो वे लोड सेटिंग का बहाना बनाकर टरका देते है। ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक दीया कुमारी से नियमित बिजली सप्लाई करवाने की मांग की है।
इस संबंध में निगम के कनिष्ठ अभियंता ग्रामीण राजकुमार बैरवा का कहना है कि रात को जीएसएस पर नियुक्त कर्मचारी ने मुझे इस बारे में नहीं बताया। रातभर बिजली गुल रहने का कारण फाल्ट हो सकता है। सिंगल फेज बिजली की सप्लाई नियमित दी जाएगी।
रात को लाइट गुल, सुबह तक करो इंतजार
कुस्तला-!- कस्बे में बिजली की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने के कारण बिजली गुल होने आम बात हो गई है। रात को अगर बिजली गुल हो जाती है तो उसे ठीक करवाने के लिए सुबह तक का इंतजार करना पड़ता है। सोमवार रात 11:00 बजे गुल हुई बिजली मंगलवार सुबह 9 बजे जाकर सुचारू हो पाई। बिजली के अभाव में उपभोक्ताओं को रातभर अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी।