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प्राइवेट स्कूल संचालकों की मनमानी पर अंकुश
भास्कर न्यूज - सवाई माधोपुर
जिले में संचालित निजी स्कूल संचालक अब किताबें, कॉपी, टाई, बैजेज और ड्रेस नहीं बेच सकेंगे। साथ ही अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से यह सब सामग्री खरीदने के लिए बाध्य भी नहीं कर सकेंगे। ऐसा करने पर संबंधित स्कूल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित स्कूल का रजिस्ट्रेशन भी समाप्त किया जा सकता है। क्योंकि राजस्थान निजी शिक्षण संस्थाएं फीस निर्धारण समिति ने सभी निजी स्कूल संचालकों को इस संबंध में शपथ पत्र जारी करने के शिक्षा विभाग को निर्देश जारी किए है।
आरटीई प्रारंभिक शिक्षा के सहायक परियोजना अधिकारी ठंडीराम मीणा ने बताया कि विभाग से मिले आदेशानुसार राजस्थान विद्यालय ((फीस के संग्रहण का विनियमन अधिनियमन)) अधिनियम 2013 की धारा 6 की उपधारा 1 के तहत किसी भी पाठयक्रम में प्रवेश के लिए निजी स्कूलों द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ली जाने वाली रकम फीस के अंतर्गत आती है।
उन्होंने बताया कि कई निजी स्कूल मनमाने तरीके से अभिभावकों से राशि वसूलते है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह आदेश जारी किए गए है। इस आदेश के बाद कई निजी स्कूल संचालक परेशान है।
आदेशों की पालना नहीं की, तो होगी कार्रवाई : सभी निजी शिक्षण संस्थाओं के संस्था प्रधानों द्वारा यदि 23 जनवरी तक वार्षिक वित्तीय विवरण तथा फीस के अलावा अन्य राशि वसूल नहीं की जा रही है। साथ ही ऐसा कोई कार्य नहीं किया जा रहा है, जो अनहाइजेनिक व मुनाफाखोरी की परिभाषा में आता हो। इस आशय का शपथ पत्र उक्त बातों को शामिल करते हुए संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में जमा नहीं करवाए तो संबंधित संस्था प्रधानों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निजी स्कूल संचालकों ने अभी तक नहीं दी जानकारी : प्रारंभिक जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जिले के सभी मान्यता प्राप्त निजी शिक्षण संस्थाओं को वार्षिक वित्तीय विवरण से
संबंधित आंकड़े 7 जनवरी से पूर्व कार्यालय में भिजवाने थे। इस संबंध में सभी निजी शिक्षण संस्था संचालकों को पत्र भेजकर सूचित किया था, लेकिन आज तक किसी ने भी आदेशों की पालना नहीं की।
अभिभावकों को मिलेगी राहत : निजी स्कूल संचालकों द्वारा शिक्षण सामग्री के अलावा स्कूल ड्रेस, टाई बेल्ट आदि निर्धारित दुकान से खरीदने की बाध्यता खत्म होने से अधिकांश अभिभावकों को राहत मिलेगी। अब अभिभावक अपनी मर्जी से शिक्षण सामग्री कहीं से भी खरीद सकेंगे।
कार्रवाई होगी
॥निजी स्कूल के संस्था प्रधानों ने अभी तक फीस के संबंध में शपथ सहित वित्तीय संग्रहण आंकड़े कार्यालय में जमा नहीं करवाए है। 23 जनवरी तक आंकड़े जमा नहीं होने पर संबंधित संस्था प्रधानों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। फीस के संग्रहण अधिनियमन के तहत अब कोई भी निजी स्कूल संचालक पुस्तकें, कॉपी, टाई, बैजेज व ड्रेसेस आदि नहीं बेच सकेंगे। साथ ही निर्धारित दुकान से यह सामग्री खरीदने के लिए विद्यार्थियों व अभिभावकों को पाबंद भी नहीं कर सकेंगे।
ठंडीराम मीणा, सहायक परियोजना अधिकारी, आरटीई प्रारंभिक शिक्षा
विशेष दुकान से किताबें-कॉपियां-टाई-बैजेज और ड्रेस खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर किया तो होगी कार्रवाई