24 घंटे बाद बारिश से राहत, ठंडक बढ़ी
कासं - सवाई माधोपुर
जिला मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में मंगलवार को शुरू हुआ बरसात का दौर बुधवार सुबह जाकर थमा। करीब चौबीस घंटे तक बरसात कभी रिमझिम तो कभी धीमी गति से हुई। बरसात के बाद सर्द हवाएं चलने से ठंडक बढ़ गई। लोग गर्म कपड़ों में दुबके रहे वहीं गर्म पेय एवं खाद्य पदार्थों की दुकानों पर भीड़ रही।
मलारना डूंगर - क्षेत्र में 24 घंटे बाद जाकर लोगों को बरसात से राहत मिली है। मंगलवार को सुबह 9 बजे शुरू हुई बरसात बुधवार सुबह 9 बजे तक रूक रूक कर बरसती रही। कभी मंद तो कभी मध्यम गति से बरसात का दौर चलता रहा जिससे सड़कों, नालियों तथा खेतों में पानी भर गया। निचले सतह वाले खेतों में तो आधा फीट तक पानी भर गया। इन खेतों में भरे बरसात के पानी से नुकसान की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए किसान फसलों को सुरक्षित रखने के लिहाज से पानी का निकास करते नजर आए। हालांकि किसान कुछ हद तक इस बरसात को खेती के लिए लाभदायक मानकर चल रहे है लेकिन भराव वाले खेतों में काश्त की फसल में बरसात का पानी भरे रहने पर नुकसान होगा। उपखंड मुख्यालय पर पिछले 24 घंटों में 37 एमएम बरसात दर्ज की गई।
बालेर - कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को शुरू हुई हल्की बरसात का दौर बुधवार के दिन भी जारी रहा। ऐसे में जहां लोगों को ठंड का अनुभव अधिक हुआ तो वहीं किसानों को फसलों में नुकसान की चिंता सताने लगी। क्षेत्र के किसानों ने बताया कि पहले ही कोहरे एवं तेज सर्दी से मिर्ची की फसल में झुलसा के प्रकोप के चलते मिर्ची की फसल बर्बाद हो चुकी है और अब सरसों की बालियों में पानी पडऩे की संभावना बनी हुई है।
खिरनी - कस्बे सहित आसपास के क्षेत्र में बुधवार 11 बजे तक बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। बूंदाबांदी से सर्दी बढ़ गई तथा लोग गर्म कपड़ों में लिपटे रहे।
भगवतगढ़ - कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में बुधवार सुबह तक बरसात हुई। बरसात के बाद हवा ने लोगों को ठिठुरा दिया। लोग अलाव जलाकर सर्दी से बचाव का प्रयास करते नजर आए।