अब मनचलों से खुद निबटेंगी छात्राएं
मुकेश आर्य - सवाई माधोपुर
मनचलों को अब छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करना बहुत भारी पड़ सकता है। छात्राओं को ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए कराटे सिखाए जाएंगे, जिससे छात्राएं छेड़छाड़ करने वालों से अपनी आत्मरक्षा कर सकेंगी। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत छात्राओं को मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण देने की तैयारियां पूरी कर ली गई है। इसके लिए जिले में शारदीय बालिका छात्रावास का चयन किया गया है। छात्राओं के साथ आए दिन छेड़छाड़ की घटनाएं होती रहती है। प्रशिक्षण में छात्राओं को मार्शल आर्ट सिखाई जाएगी, ताकि वे स्वयं की रक्षा कर सकें।
एडीपीसी हरिराम मीणा ने बताया कि छात्राओं को छेड़छाड़ की घटनाओं से निपटने के लिए जिले में पांचों ब्लॉकों में स्थित राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत बनवाए गए छात्रावासों में दिया जाएगा। ट्रेंड प्रशिक्षकों की कमी होने के कारण अभी प्रथम चरण में चकेरी में बालिका छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए अहमदपुर अलीगंज में कार्यरत शारीरिक शिक्षिका हेमलता को जयपुर में ट्रेनिंग दी गई है। प्रशिक्षण के लिए पांच शारीरिक शिक्षिकाओं के नाम ओर भेजे गए हैं। इनके प्रशिक्षित होने के बाद दूसरे चरण में अन्य स्थानों पर जुड़ो कराटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। दक्ष प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण देने की एवज में विभाग ओर से पारिश्रमिक भी दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान अल्पाहार भी मिलेगा : मार्शल आर्ट के प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को प्रतिदिन अल्पाहार भी दिया जाएगा। इसके लिए विभाग ने बजट भी निर्धारित किया है। एक छात्रा के लिए 6.50 रुपए की राशि अल्पाहार के निर्धारित है। प्रतिदिन 250 रुपए खर्च किए जाएंगे। शिविर में अधिकतम 10 हजार रुपए खर्च किए जा सकते है।
9वीं व 10वीं की छात्राओं को दिया जाएगा प्रशिक्षण : मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण केवल 9वीं व 10वीं की छात्राओं को दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए एनएसएस व स्काउट गाइड से जुड़ी छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक प्रशिक्षण शिविर में अधिकतम 100 छात्राओं को शामिल किया जाएगा। 10 दिन तक चलने वाले शिविर में प्रतिदिन दो से ढाई घंटे तक छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ट्रेंड प्रशिक्षक न होने से अभी केवल चकेरी में प्रशिक्षण
॥जिले में छात्राओं को मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण चकेरी स्थित शारदीय बालिका छात्रावास में 21 जनवरी से शुरू कर दिया है। अभी ट्रेंड प्रशिक्षक नहीं होने से जिले में एक स्थान पर शुरू किया गया है। दूसरे चरण में बौंली के शारदीय बालिका छात्रावास में भी मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा।
हरिराम मीणा,
एडीपीसी, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान