८ नहीं, २४ घंटे खुले टिकट विंडो
कासं - बांदीकुई
रेलवे स्टेशन के प्रथम प्रवेशद्वार पर 8 घंटे संचालित हो रही टिकट खिड़की से रेलवे को रोजाना 70 हजार रुपए की आय हो रही है। इसके बावजूद इसे 24 घंटे नहीं खोला जा रहा है। जबकि शहर के सामाजिक, राजनीतिक संगठन व रेल यूनियन रेलवे के उच्च अधिकारियों से कई बार मांग कर चुके हैं।
पांच साल पहले रेलवे ने बांदीकुई स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा में बढ़ोतरी करते हुए प्लेटफार्म एक के बाहर टिकट खिड़की शुरू की। लेकिन इसे सुबह व शाम को 4-4 घंटे खोलना निर्धारित किया। इस खिड़की से रेलवे को वर्तमान में 70 हजार रुपए की रोजाना आय हो रही है। इसके बावजूद इसके समय में कोई विस्तार नहीं किया। जबकि प्लेटफार्म एक व दो से सर्वाधिक यात्री ट्रेनों की आवाजाही होती है। इन प्लेटफार्म से यह खिड़की नजदीक भी है। इस टिकट खिड़की को 24 घंटे खोलने मांग को लेकर स्टेशन का निरीक्षण सहित यहां अन्य कार्यक्रम में भाग लेने आए रेलवे के जीएम, डीआरएम सहित अन्य रेल अधिकारियों को शहर के लोग, सामाजिक संगठन व रेल यूनियन के पदाधिकारी ज्ञापन दे चुके हैं। नार्थ वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन के मंडल संयुक्त सचिव माधवेंद्र सिंह टोनी ने बताया कि जयपुर में डीआरएम के साथ हुई स्थाई वार्ता तंत्र की बैठक में टिकट खिड़की का मुद्दा उठाया जा चुका है।
तो यात्रियों को राहत
रेलवे स्टेशन के द्वितीय प्रवेशद्वार पर एकमात्र टिकट खिड़की ही 24 घंटे संचालित होती है। ऐसे में प्रथम प्रवेशद्वार की टिकट खिड़की दिन में तथा रात को बंद रहने से इस एकमात्र खिड़की पर यात्रियों की भीड़ जमा हो जाती है। होली, दशहरा सहित अन्य पर्व पर तो इस खिड़की पर यात्रियों की मारामारी होने पर आरपीएफ व जीआरपी की मौजूदगी में टिकट वितरण करने पड़ते है। यदि यह खिड़की 24 घंटे खुले तो इससे यात्रियों को लाभ मिलेगा।