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समस्याओं का समय पर हो निस्तारण : कलेक्टर

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - जैसलमेर
राज्य सरकार आमजन की समस्याओं के निस्तारण के लिए एक कॉमन पोर्टल राजस्थान संपर्क परिवाद निस्तारण का कॉमन पोर्टल तैयार कर रही है। वर्तमान में सुगम समाधान ई-पोर्टल पर आमजन की समस्याओं के निस्तारण करने के लिए कार्यवाही की जा रही है। कलेक्टर एनएल मीना ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सुगम समाधान पोर्टल पर दर्ज समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण कर पोर्टल में अपडेट करें।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि राज्य सरकार जन समस्याओं के निराकरण के प्रति गम्भीर है इसलिए वे इस कार्य को गंभीरता से लें एवं सुगम समाधान पोर्टल को नियमित रूप से खोलकर देखें एवं उनमें दर्ज उनके विभाग से संबंधित समस्या प्रार्थना पत्रों के निस्तारण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
कलेक्टर मीना ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संपर्क समाधान के संबंध में आयोजित जिलाधिकारियों की बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में एडीएम माना राम पटेल, सीईओ बलदेव सिंह उज्ज्वल, एसडीएम फतेहगढ़ ओमप्रकाश, जैसलमेर गजेंद्र सिंह चारण, कोषाधिकारी रश्मि बिस्सा के साथ ही अन्य जिलाधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने बताया कि वर्तमान में राजस्थान संपर्क कॉमन पोर्टल को समस्त स्थल पर परिवाद को दर्ज करने के लिए प्रस्तावित किया जा रहा है। इसमें जिला/ब्लॉक, राज्य स्तरीय हेल्प लाइन, सुगम तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम तीनों के बिंदू समाहित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जब तक यह पोर्टल तैयार किया जाए तब तक एनआईसी के सुगम समाधान पोर्टल पर जन समस्या के प्रार्थना पत्रों का निस्तारण करें।
कलेक्टर मीना ने बताया कि सुगम समाधान पोर्टल का अब जिला स्तर के साथ ही उपखण्ड कार्यालय स्तर पर भी इसका संचालन होगा एवं उपखण्ड अधिकारी को प्राप्त समस्याओं से संबंधित प्रार्थना पत्र इस पोर्टल पर दर्ज होंगे एवं वे संबंधित विभाग को उन प्रार्थना पत्रों को हस्तांतरित करेंगे। उन्होंने उपखण्ड अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सुगम समाधान पोर्टल का संचालन अपने स्तर पर करने की कार्रवाई तत्काल कर लें। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला व उपखण्ड स्तर पर प्रतिमाह निर्धारित तिथि को संपर्क समाधान की बैठक आयोजित की जाए। जिसमें ऐसे समस्त दर्ज प्रकरणों को संबंधित विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में सुना जाए एवं उन्हें निस्तारित किया जाए। उन्होंने बताया कि संपर्क समाधान की जनसुनवाई में उन्हीं प्रकरणों को लिया जाएगा जो पूर्व में दर्ज है और उनका समाधान नहीं हो पाया है अथवा परिवादी समाधान से संतुष्ट नहीं है।