गणतंत्र दिवस पर खूब जमी सांस्कृतिक सांझ
भास्कर न्यूज - जैसलमेर
जिला प्रशासन एवं नगरपरिषद जैसलमेर के तत्वावधान में शिक्षा विभाग के सौजन्य से राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में रविवार को स्थानीय शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में आयोजित सांस्कृतिक संध्या के अवसर पर विद्यालयी बाल कलाकारों ने संगीत की स्वर लहरिया बिखेर कर दर्शकों को भाव विभोर सा कर दिया। बाल कलाकारों ने देश भक्ति गीतों को प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विद्यालयी कलाकारों ने जहां देशभक्ति से परिपूर्ण गीतों की धुनों पर बड़े उत्साह एवं उमंग के साथ रंगारंग कार्यक्रम पेश किए वहीं उन्होंने राजस्थानी लोक गीतों की धुनों पर परंपरागत संगीत की मिठास बिखेरी। सांस्कृतिक संध्या में फिल्मी संगीत , पश्चिमी संगीत और राजस्थानी संगीत की स्वर लहरियों ने अद्भुत समां सा बांध दिया। सांस्कृतिक संध्या के अवसर पर लिटिल हार्ट माध्यमिक विद्यालय के नन्हें मुन्हे बाल कलाकारों ने देश भक्ति गीत ‘रंग दे बसंती चोला- ऐसा देश है मेरा‘‘ गीत के धुनों पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की वाह-वाही लूटी। इस अवसर पर सेंटपॉल विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने देश भक्ति ‘‘भारत हमको जान से भी प्यारा है‘‘ गीत पर अत्यन्त उत्साह एवं उल्लास के साथ बेहतर ढंग से नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया। पाŸव में तिरंगे ध्वजों को लहरा कर वातावरण को देशभक्त से परिपूर्ण बना दिया। इमानुअल मिशन सीनियर सैकण्डरी स्कूल के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक सांझ में प्रदेश के परंपरागत लोकगीत ‘केशरिया बालम आओ नी पधारो म्हारे देश’ की धुन पर नृत्य के प्रस्तुतीकरण के साथ ही देशभक्ति गीत ‘मेरे देश की धरती सोना उगले हीरे-मोती’ तथा ‘धरती सुनहरी अम्बर नीला’ की धुनों पर अत्यंत मनोहारी समूह नृत्य पेश किया। सांस्कृतिक प्रस्तुति के अवसर पर नन्हे-मुन्ने बालक-बालिकाओं का लय ताल बद्धता के साथ किए गए नृत्य के साथ ही उनकी वेशभूषा ने भी दर्शकों को अत्यंत प्रभावित किया। सांस्कृतिक संध्या के अवसर पर भारतमाता का बेहद सुंदरतम रुप धरे बालिका ने हाथ में तिरंगा ध्वज एवं त्रिशूल धारण कर रखा था। बालिकाओं ने गीत संगीत की धुनों पर पूरी तन्मयता एवं तल्लीनता के साथ नृत्य प्रस्तुत कर समां सा बांध दिया। सांस्कृतिक संध्या में कमला नेहरू विद्यालय के बाल कलाकारों ने ‘‘मेरे देश में पवन चले पुरवाई‘‘ गीत पर रंगीन पोशाकों में शानदार नृत्य की प्रस्तुति की। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मेघवालवास के बाल कलाकारों ने ‘‘इण्डियन-इण्डियन शेर दिल‘‘ , सागर शिशु मन्दिर ने राजस्थानी गीत ‘‘चूडी चमके, गांधी बाल मन्दिर के विधार्थियों ने ‘मेरे देश की धरती’ , राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय दुर्ग नम्बर 1 के विद्यार्थियों ने ‘‘नगाडा संग ढोल बाजे रे‘‘ राजस्थानी गीतो की धुनों पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक संध्या में ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रभुराम राठौड़ के नेतृत्व में विभिन्न विद्यालय के गुरुजनों ने अपनी अहम भूमिका निभाई वहीं वरिष्ठ शिक्षक नटवर व्यास की भूमिका भी सराहनीय रही। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता हरिवल्लभ बोहरा, मनोहर महेचा एवं शिक्षिका आरती मिश्रा ने किया। समारोह में निर्णायकों द्वारा निर्णय के अनुसार गांधी बाल मंदिर प्रथम स्थान पर रही वहीं सेंटपॉल द्वितीय व इमानुवल मिशन स्कूल तृतीय स्थान पर रही।