‘छत्रपति आलाजी पर हमें गर्व करना चाहिए’
जैसलमेर. वीर शिरोमणी छत्रपति आलाजी की जयंती कनाई गांव के तणेश्वर मंदिर में समारोहपूर्वक मनाई गई। आलाजी की तस्वीर पर सभी श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का आगाज किया। देरावरसिंह सलखा ने उन्हें अद्वितीय योद्धा बताते हुए उनके जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। महंत शिवसुखनाथ के सान्निध्य में आयोजित समारोह में सांवलसिंह मोढ़ा ने आलाजी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला। तारेन्द्रसिंह झिनझिनयाली ने कहा कि क्षात्र धर्म व्यापक विचारधारा है। जो कि खुद मरकर ओरों को जीने की प्रबल द्योतक है। हमें अपनी विरासत व परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखना है। महेन्द्रसिंह छायण ने सरस वीर रस काव्य धारा बहाकर भाव विभोर कर दिया। सांवलसिंह पूनमनगर ने कहा कि राजस्थान का कण कण शौर्य गाथाओं से प्रदीप्त है। हमें आलाजी जैसे बलिदानियों पर गर्व करना चाहिए। जिला प्रचारक विरेन्द्रसिंह, चतुराराम, जीवणलाल, नरसिंगदान, बीरमसिंह ने भी विचार प्रकट किए। अंत में मंत्र के साथ समारोह का समापन किया गया। कार्यक्रम में सलखा, कनोई, पूनमनगर, रामगढ़ एवं आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने शिरकत की।