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स्टेशनरी भत्ता बंद करने के निर्णय को वापस लेने की मांग
जैसलमेर. सरकार की ओर से मंत्रालयिक व अधीनस्थ कर्मचारियों को स्टेशनरी भत्ते नहीं दिए जाने के आदेशों को मंत्रालयिक कर्मचारी संघ जैसलमेर ने कर्मचारी विरोधी बताते हुए सरकार को इस निर्णय को वापस लेने की मांग की है। संघ के जिलाध्यक्ष सत्येन्द्र शर्मा ने बताया कि पूर्व सरकार द्वारा कर्मचारियों को स्टेशनरी भत्ते के रूप में 250 रुपए दिए जाने का निर्णय मंत्रालयिक कर्मचारियों के हितों को मध्यनजर रखते हुए लिया गया था जिसे वर्तमान सरकार द्वारा बंद किए जाने के निर्णय से कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि कई ऐसे कार्यालय है जिनमें कार्यालय व्यय के लिए नाम मात्र का बजट प्राप्त होता है जिससे कर्मचारियों को सरकारी कार्य निपटाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है जिसे मध्यनजर रखते हुए पूर्व सरकार ने कर्मचारियों को सरकारी कामकाज को त्वरित गति से निपटाने के लिए स्टेशनरी भत्ता दिए जाने का निर्णय लिया था। मंत्रालयिक कर्मचारी संघ द्वारा इस भत्ते को बंद करने के निर्णय की कड़े शब्दों में भत्र्सना करते हुए सरकार से इसे बंद करने के निर्णय को वापस लेने की मांग की है।