सुगम समाधान की हुई जन सुनवाई
भास्कर न्यूज - जैसलमेर
राज्य सरकार के निर्देशानुसार सुगम समाधान पोर्टल में दर्ज बकाया प्रकरणों के निस्तारण के संबंध में गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित डीआरडीए सभागार में जन सुनवाई आयोजित की गई एवं उसमें विभिन्न विभागों द्वारा प्रकरणों का निस्तारण करने की कार्रवाई की गई। इस अवसर पर सुगम के नोडल प्रभारी एवं अतिरिक्त कलेक्टर माना राम पटेल, मुख्यकार्यकारी अधिकारी जिला परिषद बलदेव सिंह उज्ज्वल, उपखण्ड अधिकारी गजेंद्र सिंह चारण, नगरपरिषद आयुक्त तारा चन्द गोसाई तथा सुगम के प्रवीण कुमार छंगाणी के साथ ही जन सुनवाई से संबंधित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर एनएल मीना ने डीआरडीए हॉल में आयोजित जन सुनवाई के दौरान सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सुगम समाधान पोर्टल में दर्ज बकाया प्रकरणों का समय रहते आवश्यक रूप से निस्तारण करने की कार्रवाई गंभीरता के साथ करें। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे जन सुनवाई के कार्य को विशेष तब्बजों दे एवं आम जन द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले जन समस्याओं के प्रार्थना पत्रों को प्राप्त कर उसको सुगम समाधान पोर्टल में दर्ज करें एवं उन्हें समय सीमा में निस्तारण करने की कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनसुनवाई को गंभीरता से ले रही है उन्होंने इस महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही एवं शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों एवं विभागों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर मीना ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से सुगम समाधान पोर्टल को खोलकर उसमें दर्ज हुई अपने विभाग से संबंधित समस्या प्रार्थना पत्रों का बारीकी से अवलोकन कर उसको निस्तारण करने की कार्रवाई करें एवं साथ ही उसे पूरे तथ्य के साथ पोर्टल पर अपडेट करें। जो अधिकारी पूरी रिपोर्ट के साथ पालना प्रस्तुत अपडेट नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उपखण्ड अधिकारियों को फरवरी माह के प्रथम गुरुवार को जन सुनवाई करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने इस जनसुनवाई में आए लोगों की भी समस्याएं सुनीं एवं उनके प्रार्थना पत्र प्राप्त कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जन सुनवाई में घंटियाली के ग्रामीणों के लोगों ने पशुओं में बीमारी फैलने की बात कही एवं उपचार कराने का आग्रह किया। इस संबंध में कलेक्टर ने मौके पर ही संयुक्त निदेशक पशुपालन को निर्देश दिए कि वे यथाशीघ्र दूरस्थ सीमावर्ती गांव घंटियाली में मोबाइल पशु चिकित्सा टीम भेजकर बीमार पशुओं का
उपचार कराएं।