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सूर्य आराधना के साथ 14 को होगी खुदा की इबादत भी

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज क्च पाली
मकर संक्रांति और ईद मिलादुन्नबी का पर्व एक ही दिन मनाया जाएगा। हिंदू समुदाय के लोग भगवान सूर्य की आराधना कर मकर संक्रांति के उल्लास में डूबेंगे तो ईदमिलादुन्नबी के पारंपरिक त्योहार पर मुस्लिम खुदा की इबादत करेंगे। संक्रांति हर साल 14 जनवरी को आती है। वहीं इस बार ईद मिलादुन्नबी भी इसी दिन मनाई जाएगी। हिंदू धर्म के लोग सूर्य के मकर राशि में आने के उपलक्ष्य में संक्रांति मनाते हैं तो मुस्लिम समाज के लोग पैगंबर हजरत मोहम्मद के जन्मदिन के उत्सव के रूप में ईद मिलादुन्नबी मनाते हैं। मकर संक्रांति से शुभ काम शुरू हो जाते हैं। इस उपलक्ष्य में लोग धार्मिक महत्व के सरोवर व कुंडों में स्नान कर पुण्यलाभ अर्जित करेंगे। इस दिन तिल से स्नान करने और तिल दान करने से पुण्यलाभ मिलता है। संक्रांति का फल विभिन्न राशियों पर अलग-अलग होगा। कुछ पर मिश्रित और कुछ पर विशेष फलदायी रहेगा। पंडितों के अनुसार 14 जनवरी को मकर संक्रांति पौष शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को आ रही है। पर्व का दोपहर 1.13 बजे संक्रांति का पुण्यकाल दिनभर रहेगा। चूंकि 14 का मूलांक पांच है। इसका स्वामी बुध माना गया है और यह मंगल का
प्रतीक है। मंगलवार को संक्रांति पर चतुर्दशी तिथि वृद्धि हो रही है, लेकिन इस बार पहली चतुर्दशी तिथि में ही मकर संक्रांति का पुण्य पर्व मनेगा। शास्त्रों में शुक्ल पक्ष तिथि वृद्धि को श्रेष्ठ और फलदायी माना गया। इसी प्रकार रबीउल अव्वल महीना प्रारंभ हो गया, जिसे मुस्लिम समुदाय द्वारा इबादत का महीना माना जाता है।
14 अंक का महत्व
संक्रांति काल में अधिमास सहित वर्ष के 13 माह के साथ एक माह जोड़कर 14 माह के लिए 14 वस्तुओं के दान का महत्व मनाया गया। वहीं यह व्यापार, शेयर बाजार व ज्ञान का प्रतीक भी माना गया। यह अंक कानून व औद्योगिक भी माना जाता है। इन सभी के लिए 14 अंक श्रेष्ठ है।
चांद की 12 तारीख पर मिलादुन्नबी
मुस्लिम समाज द्वारा ईद मिलादुन्नबी का पर्व 14 जनवरी को मनाया जाएगा। चंद्रमा दिखने के 12 दिन बाद ईद मिलादुन्नबी पर्व मनाया जाता है। लोग पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन की खुशियों को उत्सव के रूप में मनाते हैं। इस दिन जलसे निकाले जाएंगे। ईदगाहों में नमाज अदा की जाएगी। साथ ही शहर की मस्जिदों में रोशनी की जाएगी। साथ ही घरों में पकवान बनाकर मोहम्मद साहब के जन्म की खुशियां मनाते हैं।
शुरू हुई तैयारी
हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लिए यह माह पवित्र और इबादत का है। क्योंकि मलमास चल रहा है, जिसमें पूजा-आराधना का विशेष महत्व है। शहर में दान-पुण्य का पर्व मकर संक्रांति की तैयारियां शुरू हो गई है। बाजार और घरों में तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। वहीं 14 जनवरी को मिलादुन्नबी पर्व मनाया जाएगा। इस माह को रबी उल अव्वल कहा जाता है। इस माह की 12 तारीख को मोहम्मद साहब का जन्म हुआ था। इसलिए मस्जिदों में सजावट और घरों में पकवान बनाए जाएंगे।