इस बार नहीं होगा पाली महोत्सव का आयोजन
भास्कर न्यूज - पाली
हर साल आयोजित होने वाले पाली महोत्सव ((हस्तशिल्प उद्योग मेला)) का आनंद इस बार शहरवासी नहीं उठा पाएंगे। दरअसल, जिला उद्योग केंद्र की ओर से इस बार हस्तशिल्प मेले का आयोजन नहीं किया जा रहा है। इसे लेकर प्रशासन ने भी इस बार यह मेला निरस्त करने के आदेश दिए हैं। जानकारी के अनुसार पाली जिले में निवेश करने के लिए उद्योग केंद्र व जिला प्रशासन की ओर से हर साल पाली महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इसमें कई बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि भी शरीक होते हैं तथा जिले में निवेश करने के लिए अपना प्रस्ताव रखते हैं, लेकिन इस बार यह मेला नहीं होने से कोई भी कंपनी जिले में निवेश के लिए प्रस्ताव नहीं रख सकेगी। जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों के अनुसार यह मेला जोधुपर से लिंक होता है। यानी, जोधपुर में मेला समाप्त होने के बाद पाली में आयोजित किया जाता है। इस बार जोधपुर में भी यह मेला जनवरी के अंतिम सप्ताह में शुरू होगा जो फरवरी तक चलेगा। इसके चलते इस बार मेले का समय भी निकल जाएगा। साथ ही इस बार तमाम अधिकारी चुनावी ड्यूटी में व्यस्त थे। शेषक्चपेज १७
जिससे मेले को लेकर कोई पूर्व तैयारी नहीं हो पाई इस कारण से भी यह मेला इस बार निरस्त किया जा रहा है।
अब गर्मी में आयोजित हो सकता है मेला
जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों के अनुसार एक बार के लिए इस मेले को निरस्त तो कर दिया गया है, लेकिन यदि हो सका तो गर्मी में मेले का आयोजन किया जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक स्तर पर तैयारियां नहीं होने की वजह से यह निर्णय लिया गया है। फिर भी आगामी महीनों में मेला आयोजित किया जा सकता है।
न बड़े स्तर पर निवेश होगा और न ही मनोरंजन
पिछले 12 सालों से आयोजित हो रहे इस मेले का आयोजन पहले काफी छोटे स्तर पर हो रहा था। इस बीच तत्कालीन कलेक्टर नीरज के पवन ने इस मेले को ‘पाली महोत्सव’ का नाम देकर इसे काफी मनोरंजक बनाने के लिए कई प्रयास किए थे। इसके तहत जहां भव्य शोभायात्रा के साथ मेले का आगाज किया जाता था, वहीं इंवेस्टर मीट के साथ हर रोज शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता था। इससे खरीदारी के साथ मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम होने से शहरवासी इस ओर काफी आकर्षित भी होने लगे हैं। साथ ही इंवेस्टर मीट के बहाने कई बड़े उद्योगपतियों को जिले में निवेश के लिए आमंत्रित किया जाता था। इस बहाने जिले में काफी बड़ा निवेश भी होता था, लेकिन इस बार पाली महोत्सव का आयोजन नहीं होने से शहरवासियों को निराश होना पड़ेगा।
चुनाव ड्यूटी में व्यस्त होने का हवाला दे रहे हैं अधिकारी, इस बार जिले में नहीं हो पाएगा बाहरी कंपनियों का भी निवेश, न ही शहरवासी उठा पाएंगे मेले का आनंद