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आचार्य रत्नसेन सूरीश्वर का हुआ उपाश्रय में प्रवेश
भास्कर न्यूज - पाली
जैन संत आचार्य रत्नसेन सूरीश्वर शुक्रवार सुबह गुजराती कटला स्थित उपाश्रय से विहार करते हुए नेहरू नगर स्थित मुनि सुव्रत स्वामी जैन मंदिर पहुंचे। जहां श्रावक-श्राविकाओं ने आचार्य का दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद चतुर्विध संघ गाजे-बाजे व जैनम जयंती उद्घोष के साथ महावीर नगर स्थित वासु पूज्य जैन उपाश्रय पहुंचे। जहां पर सामैया किया गया। अभय मेहता ने बताया कि उपाश्रय में माता-पिता का उपकार विषय पर प्रवचन का आयोजन किया गया। आचार्य रत्नसेन सूरीश्वर ने माता-पिता की महत्ता बताते हुए कहा कि यह हमारे जीवन दाता हैं, क्योंकि इन्हीं से हमें जीवन मिलता है। उन्होंने कहा कि संतान को जन्म देने मात्र से ही उनका कर्तव्य पूरा नहीं हो जाता है, बल्कि उन्हें चरित्रवान भी बनाना है। इस अवसर पर उन्होंने उमास्वाती महाराज के श्लोक की व्याख्या करते हुए कहा कि इनके ऋण से मुक्त होना अत्यंत दुष्कर है। उनके उपकार को चुकाया नहीं जा सकता है। मेहता ने शनिवार के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि आचार्य शनिवार को क्रोध आबाद तो जीवन बर्बाद पर प्रवचन देंगे।
उत्साह के साथ मनाया जा रहा है दीक्षा कार्यक्रम
पाली - आचार्य रघुनाथ स्मृति जैन भवन में डॉ. ज्ञान प्रभा महाराज के सानिध्य में मुमुक्षु सोनू लुंकड़ की दीक्षा का कार्यक्रम बड़े उत्साह के साथ आयोजित किया जा रहा है। त्रिशला महिला मंडल व श्राविकाओं की ओर से प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। इस अवसर पर शनिवार को साध्वी नियम प्रभा ने भवन में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि छोटे-छोटे नियम, व्रत आदि से आत्मा के उद्धार में बड़ी सहायता मिलती है। हमारे जीवन में कषायों, राग और द्वेष रूपी अनंत कचरा भरा
पड़ा है।