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जनसुनवाई के सुगम समाधान का पाली पैटर्न पूरे राज्य में लागू होगा

7 वर्ष पहले
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पाली। दूर-दराज के गांव व ढाणी में रहने वाले नागरिकों की समस्या या परिवाद का निश्चित समयावधि में समाधान करने तथा कलेक्टर स्तर पर सीधे ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से रूबरू करवाने वाला पाली का सुगम समाधान वेब पोर्टल पैटर्न पूरे राज्य में लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है।

पाली में कलेक्टर अम्बरीष कुमार ने यह व्यवस्था एक साल पहले लागू की थी। इसमें वे किसी भी गांव में बैठे परिवादी से सीधी बात कर सकते थे। अब इसका विस्तार मुख्यमंत्री कार्यालय तक किया जा रहा है। आमजन को तत्काल राहत प्रदान करने वाली इस योजना को अब पूरे राज्य में लागू करने के आदेश राज्य सरकार ने प्रदान कर दिए हैं।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार राज्य सरकार ने पाली में पूर्व से ही संचालित नागरिकों की समस्याओं को सुनने के लिए एकीकृत परिवाद निवारण प्रणाली ‘सुगम समाधान’ की राह निकाली है। जिसके जरिए परिवादी और उसके परिवाद से जिला कलक्टर से लेकर सीधे मुख्यमंत्री भी रू-ब-रू हो सकेंगी।

पहले मुख्यमंत्री प्रकोष्ठ, सतर्कता समिति, शिविर व अन्य सभी तरह की जन सुनवाई में प्राप्त परिवादों की पूरी तरह से सुनवाई नहीं हो पाती थी। कागजी आवेदन इधर से उधर-घूमते रहते थे, लेकिन परिवाद का निस्तारण नहीं हो पाता था। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर में ‘सुगम समाधान’ वेब पोर्टल की व्यवस्था की है। इसके जरिए कोई भी व्यक्ति मोबाइल, मैसेज, लिखित या मौखिक रूप से परिवाद दर्ज करा सकता है, जिसका समाधान परिवाद के स्तर के अनुसार निर्धारित समयावधि में होगा।

इस तरह से काम करेगा वेब पोर्टल, सीएम तक ऐसे पहुंचेगा परिवाद:

सुगम समाधान वेब पोर्टल है। इसके लिए प्रत्येक पंचायत समिति और जिला मुख्यालय पर संपर्क समाधान केंद्र बनाए जाएंगे। ये केंद्र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा से युक्त होंगे। यहां पर कोई भी व्यक्ति पोर्टल पर अपनी शिकायत मय दस्तावेज दर्ज करा सकता है। फिर संबंधित अधिकारी उसे निर्धारित समय सीमा में निस्तारण कराएंगे। हर माह मुख्यमंत्री वीडियो कॉफ्रेसिंग करेंगी।

यदि किसी परिवादी को बार-बार टाला जाता है तो वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए खुद मुख्यमंत्री परिवादी से बात कर सकेंगी। वर्तमान में ई-मित्र व सीएसी पर उपलब्ध सुविधाओं के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के लिखित आवेदन पत्रों का प्रपत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि जनसामान्य को आवेदन भरने में असुविधा न हो। इन आवेदनों को भरने के लिए कंप्यूटर रिसोर्स पर्सन रहेगा। परिवाद नंबर के अनुसार परिवादी अपने परिवाद पर की जाने वाले कार्रवाई व प्रगति रिपोर्ट के बारे में जान सकेगा। इन केंद्रों पर हर माह जन सुनवाई की व्यवस्था भी की जाएगी।

तीन स्तरों पर सुनवाई की व्यवस्था होगी : वेब पोर्टल पर समस्त तरह के प्रकरण दर्ज हो सकेंगे, जिनकी सुनवाई प्रत्येक माह संपर्क समाधान की बैठक में त्रिस्तरीय होगी। पहले निचले स्तर के अधिकारी से परिवाद का निस्तारण कराएंगे। वहां से नहीं होने पर उनसे ऊंचे अधिकारी के पास अपील की तरह जन सुनवाई होगी। उपखंड स्तरीय संपर्क समाधान की बैठक उपखंड अधिकारी, जिला स्तरीय बैठक कलेक्टर और राज्य स्तरीय संपर्क समाधान बैठक मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होगी।

मोबाइल फोन से भी दर्ज करा सकते हैं शिकायत

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सुगम पर शिकायत दर्ज कराने के लिए सरकार की ओर से इसे और सुगम बनाया जा रहा है। अब शिकायत कर्ता अपने मोबाइल फोन से भी सुगम पर शिकायत किसी भी जगह से किसी भी समय करा सकता है। ताकि उसकी समस्या का समाधान जल्द हो। इसके साथ ही इसके लिए कॉल सेंटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

राजीव सेवा केंद्र भी इस सुविधा से जुड़ेंगे

वेबपोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के बाद परिवादी उसकी प्रोग्रेस रिपोर्ट भी जान सकेंगे। परिवाद का निस्तारण नहीं होता है तो परिवादी रिमांइडर के रूप में अपना परिवाद भेजकर वापस दर्ज करा सकेंगे। सरकार ग्राम पंचायत स्तर पर बने राजीव गांधी सेवा केंद्रों को भी वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा से जोडऩे का प्रयास कर रही है। इसके बाद ग्राम पंचायत स्तर के परिवाद और उनके अधिकारी भी सुगम समाधान से सीधे जुड़ सकेंगे।

शिकायत दर्ज होते ही संबंधित विभाग को भी जाएगी

जानकारी के अनुसार सुगम ((ह्यह्वद्दड्डद्वह्म्श्चद्भ.ह्म्ड्डद्भ.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ)) पर शिकायत कर्ता यदि किसी भी विभाग की शिकायत करता है तो वह सुगम में जाने के साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी जाएगी। जैसा की यदि को बिजली संबंधी शिकायत सुगम पर दर्ज कराता है तो उसकी शिकायत सुगम के अतिरिक्त डिस्कॉम विभाग के अधिकारियों के पास भी सीधे रूप से पहुंचेगी।

कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में सीएम ने सराहा था इस मॉडल को

इसी माह जयपुर में हुई कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में सीएम वसुंधरा राजे ने पाली में लागू जनसुनवाई के इस मॉडल के लिए कलेक्टर अम्बरीष कुमार की प्रशंसा की थी। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान ही इस पैटर्न के लिए कलेक्टर को बधाई देते हुए इसे पूरे राज्य में लागू करने के संकेत दिए थे। अब सरकार ने इसके बारे में आदेश भी जारी कर दिए हैं।

पाली में सुगम समाधान वेब पोर्टल से आमजन की समस्या के निस्तारण की व्यवस्था करीब एक साल से चल रही है। इस पोर्टल पर आने वाली प्रत्येक समस्या के ऑनलाइन होने के कारण हर परिवाद की स्थिति के बारे में आसानी से पता रहता है। गत दिनों सीएम के समक्ष इस बारे में जानकारी देने पर उन्होंने इसकी काफी सराहना की थी।

इसके बाद पूरे प्रदेश में लागू करने के आदेश दे दिए हैं। वहीं सीएम भी खुद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सीधे परिवादियों से जुडेंगी। इससे आमजन को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें बार-बार दफ्तरों में चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। शिकायत दर्ज कराने के बाद मोबाइल, मैसेज से रिपोर्ट ले सकेगा। सभी तरह के प्रकरण वेब पोर्टल पर दर्ज हो सकेंगे। जिनका निर्धारित समयावधि में समाधान भी होगा। - अम्बरीष कुमार, कलेक्टर, पाली

अब इसका विस्तार मुख्यमंत्री स्तर तक किया जा रहा है, पहले मुख्यमंत्री प्रकोष्ठ, सतर्कता समिति, शिविर व अन्य सभी तरह की जन सुनवाई में प्राप्त परिवादों की पूरी तरह से सुनवाई नहीं हो पाती थी

सुगम समाधान’ वेब पोर्टल से कोई भी व्यक्ति मोबाइल, मैसेज, लिखित या मौखिक रूप से परिवाद दर्ज करा सकता है, जिसका समाधान परिवाद के स्तर के अनुसार निर्धारित समयावधि में होगा

सीएम को पसंद आया, सरकार ने जारी किए आदेश

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जयपुर में बैठकर मुख्यमंत्री भी गांव-ढाणियों के परिवादी से सीधी कर सकेंगी बात, पाली में जिला प्रशासन ने एक साल पूर्व लागू की थी यह योजना