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सरेराह भिड़े महिला व पुरुष कांस्टेबल, छेड़छाड़ का आरोप
भास्कर न्यूज - पाली
मंथन सिनेमा के पास रविवार रात आठ बजे सिविल ड्रेस में एक महिला व दो पुरुष कांस्टेबल आपस में भिड़ गए। महिला कांस्टेबल में दोनों पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया। मौके पर भीड़ जुट गई और कुछ लोगों ने दोनों की धुनाई कर डाली।
पूरे घटनाक्रम के दौरान करीब आधे घंटे तक सड़क पर मजमा लगा रहा।बाद में पता चला कि आरोप लगा रही महिला भी पुलिसकर्मी है और दोनों आरोपी भी, तो लोग वहां से खिसक लिए। तीनों पुलिसकर्मी लाइन में ही तैनात हैं। इस दौरान अन्य सिपाहियों ने किसी तरह बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को वहां से रवाना कराया। दोनों आरोपी कांस्टेबल भाई हैं। मामले में दोनों तरफ से मामले दर्ज हुए हैं। वहीं शनिवार को रोहट क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका भी इंडस्ट्रियल एरिया थाने में तैनात पुलिसकर्मी पर स्कूल में आकर छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज करवाया है। एसपी ने दोनों मामलों की विभागीय जांच सिटी सीओ को सौंपी है।
दोनों ओर से परस्पर मामले दर्ज
पुलिस लाइन में कार्यरत महिला कांस्टेबल की ओर से महिला थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया गया है कि रविवार रात करीब आठ बजे स्कूटी पर वह शहर की ओर जा रही थी। शेष - पेज १५
इस दौरान पुलिस लाइन में कार्यरत कांस्टेबल राकेश चौधरी व उसका भाई श्यामलाल चौधरी निवासी सालब कलां ((डांगियावास)) पीछे से बाइक लेकर आए और उसके साथ छेड़छाड़ की। आरोप है कि इस दौरान बीच बचाव करने आए हाउसिंग बोर्ड चौकी के कांस्टेबल शेरसिंह व उसके साथ दोनों भाइयों ने मारपीट की। इसी तरह औद्योगिक क्षेत्र थाने में कांस्टेबल श्यामलाल चौधरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि रविवार रात उसका भाई कांस्टेबल राकेश बाइक पर मंथन सिनेमा की ओर जा रहा था। वहां उसका रास्ता रोक कर महिला कांस्टेबल व हाउसिंग बोर्ड चौकी में तैनात कांस्टेबल शेरसिंह ने उसके साथ मारपीट की। सूचना मिलने पर वह बीच बचाव करने पहुंचा तो दोनों ने उसके साथ भी मारपीट की।
पुलिस का दोहरा रवैया- आम आदमी होता तो हवालात में डाल देती पुलिस
रविवार को पूरा देश संविधान लागू होने की वर्षगांठ मना रहा था। पुलिस पर संविधान की सुरक्षा का बड़ा दारोमदार भी है, मगर रात को सरेआम पुलिसकर्मियों के बीच जिस तरह से झगड़ा हुआ उसे शहर के काफी लोगों ने देखा और मारपीट के दौरान उनके बीच जिस तरह के शब्द प्रयोग में लाए गए वह गरिमा को तार-तार कर देने वाले थे। एक आदमी सड़क पर किसी से बेवजह झगड़ा करे तो पुलिस उसे पकड़ कर हवालात में डाल देती है। ऐसा अमूमन पुलिस करती है। ऐसे मामलों में सीआरपीसी की धारा 151 तो पुलिस के लिए जैसे ब्रह्मास्त्र ही है। लेकिन इस मामले में पुलिस यह धारा भूल गई। शहर में गणतंत्र दिवस की रात मंथन सिनेमा के पास आधे घंटे तक जिस कारण मजमा लगा और सरेआम पुलिसकर्मी आपस में भिड़े और पब्लिक के हाथों भी पिटे। शहरवासी भी पूछ रहे हैं कि आखिर आम आदमी और खुद पुलिस के बीच विभाग का यह दोहरा रवैया कब तक चलता रहेगा।
इधर, स्कूल में जाकर शिक्षिका से छेड़छाड़, कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा
पाली. रोहट थाना क्षेत्र के धोलेरिया जागीर गांव की सरकारी स्कूल में तैनात शिक्षिका से एक कांस्टेबल द्वारा छेड़छाड़ व राजकार्य बाधित करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने पाली के औद्योगिक क्षेत्र थाने में तैनात कांस्टेबल दिनेश चारण के खिलाफ छेड़छाड़ व राजकार्य बाधित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस के अनुसार धोलेरिया गांव में सरकारी स्कूल की एक शिक्षिका ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि गत 25 जनवरी को दिन में वह स्कूल में पढ़ाई करा रही थी। इस दौरान गढ़वाड़ा निवासी दिनेश चारण पुत्र लक्ष्मणदान वहां आया और उसके साथ छेड़छाड़ की। पुलिस का कहना है आरोपी दिनेश पुलिस में कांस्टेबल है, जो वर्तमान में पाली शहर के औद्योगिक थाने में तैनात है। पीडि़त शिक्षिका की रिपोर्ट पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।
> रविवार रात मंथन सिनेमा के पास एक युवती ने दो युवकों पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया तो पब्लिक ने भी धुनाई कर डाली, बाद में पता चला कि तीनों ही पुलिस में कांस्टेबल हैं तो सब धीरे-धीरे खिसक लिए, दोनों तरफ से मुकदमे दर्ज, तीनों ही पुलिस लाइन में तैनात हैं, उधर रोहट क्षेत्रमें कार्यरत एक शिक्षिका ने भी औद्योगिक नगर थाने में तैनात एक कांस्टेबल के खिलाफ स्कूल में छेड़छाड़ का मामला दर्ज करवाया है
> एसपी ने सिटी सीओ को दिए दोनों मामलों की विभागीय जांच के आदेश