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००फोटो:दुर्घटना के मुकदमे में 20 साल बाद गिरफ्तार हुई महिला बस चालकसूरत से मेड़तासिटी के बीच चला रही थी बस, दादिया पुलिस ने किया गिरफ्तार, 1998 में कोर्ट से जारी हो गया था स्थायी वारंटसूरत से...

8 वर्ष पहले
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नगर संवाददाता.सीकर.

20 साल से दुर्घटना के मामले में फरार महिला बस चालक को गुरुवार को दादिया पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। 50 साल की यह महिला सूरत से मेड़तासिटी के बीच बस चला रही थी। 1996 से वह फरार थी और 1998 में स्थायी वारंट जारी होने के बाद भी अब तक पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई थी। उसे सीकर कोर्ट में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया।

थानाधिकारी मदन कड़वासरा ने बताया कि डेगाना निवासी विमलेश पुत्री शंकरलाल शर्मा 1996 में जयपुर से पिलानी के बीच बस चलाती थी। उस वक्त मोबाइल मजिस्ट्रेट ने दुर्घटना के मामले में उसके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश कर दिया था। उसके बाद से वह फरार चल रही थी। 1998 में न्यायालय ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया था। उसके बाद से पुलिस को उसे तलाश थी। बुधवार को मुखबीर के जरिए सूचना मिली कि वह सूरत से मेड़ता सिटी बस लेकर आ रही है। इस पर एएसआई हरिसिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम को नागौर भेजा गया। पुलिस ने गुरुवार सुबह नागौर व पाली के बीच बस रुकवाकर उसे गिरफ्तार कर लिया। वहां से पुलिस उसे सीकर लेकर आई।

16 साल से स्थायी वारंट फिर भी किसी ने तलाश ही नहीं किया

विमलेश के खिलाफ 16 साल से स्थायी वारंट था। वह कई सालों से सूरत नागौर के बीच बस चला रही थी। उसके बाद भी पुलिस ने उसे तलाश नहीं किया। जबकि इस बीच में कई ‘वारंटी पकड़ो’ अभियान पुलिस ने चलाए थे। अभियान में भी स्थायी वारंटियों को ही पकडऩे पर जोर दिया जाता है।

चार बसों की मालकिन है, एक खुद चलाती है

पुलिस का कहना है कि विमलेश के पास खुद की चार बसें हैं। जिनमें से एक को वह खुद ही चलाती है। उसने सूरत में खुद का ऑफिस भी बना रखा है।