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चाइनीज मांझे से टूटा तार 16 घंटे तक आधे शहर में रही बिजली गुल

8 वर्ष पहले
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सीकर. समर्थपुरा पावर हाउस से 33 केवी का तार टूटने के बाद गुल हुई आधे शहर की बिजली सप्लाई 16 घंटे बाद बहाल हो पाई। शहर के प्रमुख इलाकों के लोगों ने रात अंधेरे में गुजारने के बाद गुरुवार सुबह पेयजल की समस्या का भी सामना किया। बिजली निगम का कहना है कि बुधवार रात दस बजे चाइना मांझे की वजह से जगह-जगह स्पार्क होकर तार टूटकर गिर गया था। पूरा तार बदलना पड़ा। नवलगढ़ रोड, पिपराली रोड, राधाकिशनपुरा, न्यू हाउसिंग बोर्ड, कुड़ली व भादवासी गांव में बिजली बंद रही। दिनभर बिजली निगम दफ्तर में फोन घनघनाते रहे। बिजली निगम का दावा है कि कर्मचारी सुबह सात बजे ही टूटे तार को जोडऩे में जुट गए। दोपहर दो बजे बिजली सप्लाई बहाल हो पाई।
प्रशासन चाइनीज मांझे की बिक्री नहीं रोक पाया, सजा भुगती शहर ने
चाइनीज मांझा की बिक्री रोकने के दावे प्रशासन के हवाई साबित हुए। इसकी वजह से सजा बिजली कटौती के तौर पर शहर को भुगतनी पड़ी। बड़ा सवाल यह है कि मांझे की बिक्री रोकने के आदेश कलेक्टर की ओर से देने के बाद भी कैसे बिक्री नहीं रूकी। मकर संक्रांति के दिन भी शहर में 90 फॉल्ट हुए। सवाल यह भी है कि क्या जिन अफसरों की जिम्मेदारी थी, उन पर कार्रवाई होगी?
16 घंटे का लंबा वक्त क्यों लग गया बिजली सप्लाई चालू करने में?
आधे शहर की बिजली सप्लाई चालू करने में निगम को 16 घंटे का वक्त लग गया। तर्क है कि पहले फाल्ट तलाशे गए और शेष पेज - 16
फिर तार बदलने में ट्रैफिक की वजह से ज्यादा वक्त लग गया। सवाल यह भी है कि मकर संक्रांति के सात दिन बाद भी अजमेर डिस्कॉम तारों से चाइनीज मांझे नहीं हटा पाया क्यों? एसई एके गुप्ता कहते हैं कि सबलपुरा पावर हाउस में अभियान चलाने के बाद शहर में चाइनीज मांझे हटाए जा रहे हैं। अगले सात दिन में पूरा काम कर लिया जाएगा।
20 कोचिंग व 30 स्कूल संचालित हैं : नवलगढ़ व पिपराली रोड पर 20 कोचिंग और करीब 30 स्कूल में 35 हजार स्टूडेंट पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं, 20 हजार छात्रावास व किराये का मकान लेकर रहते हैं। यह सभी सैकंड ग्रेड सहित अन्य परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, जिन्हें काफी परेशानी हुई।
17 हजार उपभोक्ताओं पर असर : इन इलाकों में 17 हजार बिजली कनेक्शन हैं, जो सीधे तौर पर प्रभावित हुए। खासकर पेयजल की समस्या से जूझना पड़ा।
आगे दूसरे इलाकों से बिजली दे सके, इसलिए अंडर ग्राउंड लाइन डालेंगे
सीकर. बिजली तार टूटने की वजह से प्रमुख इलाकों में बिजली बंद रही। अगली बार ऐसे केस में दूसरे इलाकों से बिजली दी जा सके, इसकी कवायद में भी बिजली निगम जुट गया है। जयपुर रोड पर रेलवे लाइन से अंडर ग्राउंड लाइन डालकर रींगमैन सिस्टम तैयार किया जाएगा। पटरियों के नीचे से अंडर ग्राउंड लाइन डालने के लिए रेलवे को 16 लाख रुपए जमा करा दिए गए हैं। बिजली निगम एक्सईएन सीताराम पालीवाल ने बताया कि मार्च तक इसका काम पूरा कर लिया जाएगा। इसी तरह साढ़े सात लाख रुपए की लागत से राधाकिशनपुरा में गुरुवार को ही दो और नए फीडर स्थापित किए गए। ताकि फाल्ट की समस्या दूर हो सके।
हर जिले की बनेगी रिपोर्ट : 24 घंटे घरेलू बिजली देने और छीजत के आंकड़ों में कमी लाने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव सीएस राजन हर सप्ताह रिव्यू करेंगे। हर जिले की अलग से रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिससे वहां काम कर रहे अधिकारियों व कर्मचारियों का आंकलन भी किया जा सकेगा।