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नगर संवाददाता.सीकर.
डीडवाना में पकड़ी गई डकैत शिवदत्त की साथी महिला ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया है। उसने धौलपुर के बदमाशों के साथ मिलकर एक गैंग बनाई थी। इन्होंने ये तय किया था कि वे शेखावाटी से पैसे वालों का अपहरण करेंगे और धौलपुर ले जाकर फिरौती मांगेगे। शिवदत्त की मौत के कारण ये वारदातें नहीं कर पाए। इसके लिए इन दिनों इनकी दुबारा तैयारी भी चल रही थी। लोगों को जाल में फंसाने की जिम्मेदारी अलफसर निवासी अनुराग उर्फ अनुराधा को ही दी गई थी। ये गिरोह यूपी व हरियाणा में भी सक्रिय रहा है। पुलिस का कहना है कि किसी भी बदमाशों की गैंग में शामिल यह पहली महिला है।
उधर एक और बड़ा खुलासा हुआ है कि भरतपुर की सेवर जेल प्रशासन ने कुख्यात अपराधी आनंदपाल से मिलने के लिए महिला को जेल के अंदर तक भेज दिया। दो बार महिला जेल में आनंदपाल से एकांत में मिलकर आ गई। यह बात महिला ने पूछताछ में कबूली है। आनंदपाल से मिलने के बाद ही उसने डकैत शिवदत्त की जमानत करवाई और वे व्यापारी का अपहरण करने के लिए सीकर आए। उधर डीडवाना पुलिस ने शुक्रवार को महिला व उसके साथी को कोर्ट में पेश किया जहां से महिला को जेल भेज दिया गया व उसके साथी की जमानत हो गई।
पुलिस के मुताबिक अनुराधा ने कबूला है कि उसने शेयर मार्केट का घाटा पूरा करने के लिए बदमाशों से संपर्क करना शुरू किया था। वह लक्ष्मणगढ़ में स्थित अपने एक प्लाट को बेचना चाहती थी लेकिन उस पर कब्जे का विवाद था ऐसे में बदमाशों का सहयोग लेना जरूरी हो गया था। उदनसरी निवासी कुलदीप कुल्हरि उसे आनंदपाल से मिलवाने सेवर जेल ले गया था। वहां उसने अंदर जाकर आनंदपाल से मुलाकात की। कुछ दिन बाद वह दुबारा सेवर जेल गई और आनंदपाल के गिरोह में शामिल हो गई। इसके बाद धौलपुर के डकैत शिवदत्त की जमानत करवाई और सुजानगढ़ के बद्रीनारायण मोदी का अपहरण करने की योजना बनाई। मोदी को भी महिला ने कई बार फोन कर अपने जाल में फंसाया था। लेकिन मोदी का अपहरण करने की कोशिश में गाडिय़ां भिड़ गई और डकैत शिवदत्त व मोदी की कार का ड्राइवर मारे गए। उल्लेखनीय है कि पांच दिसंबर को नेछवा के पास व्यापारी का अपहरण करने की फिराक में धौलपुर का डकैत शिवदत्त मारा गया था। उसके साथ अनुराधा भी थी जो मौके से फरार हो गई।