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डाउनलोड करेंसीकर. फूड लाइसेंस के लिए दुकानदारों में जागरूकता लाने के साथ उन्हें बनवाने की प्रक्रिया के लिए स्वास्थ्य विभाग जिले में चार जगह शिविर आयोजित करेगा। शिविर की जगह का चयन एक-दो दिन में किया जाएगा। लाइसेंस बनवाने की अंतिम तिथि 4 फरवरी है।
एफएसओ रतन गोदारा ने बताया कि चार फरवरी के बाद जिनके पास लाइसेंस नहीं होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। क्योंकि इसके बाद बिना लाइसेंस कोई भी दुकानदार, रेहड़ी चालक, रेस्टोरेंट मालिक व फूड प्रोडक्ट फैक्ट्री का मालिक फूड से संबंधित कारोबार नहीं कर पाएगा। अब अब तक जिले में 3900 लोगों ने फूड लाइसेंस लिया है जबकि 700 नए आवेदन आए हैं। इनमें 300 तो रेहड़ी चलाने वालों ने किए हैं।
बिना लाइसेंस फूड प्रोडक्ट बेचने, उत्पादन करने या भंडारण करने पर छह महीने कैद या पांच लाख रुपए जुर्माना अथवा दोनों सजा का प्रावधान है। एफएसओ ने बताया कि जो दुकानदार आवेदन करने के बाद पैसे जमा करा देते हैं और लाइसेंस आखिरी तारीख तक नहीं बन पाता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी।
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