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डाउनलोड करेंसीकर. जेल में फायरिंग की सनसनीखेज वारदात के बाद जब दैनिक भास्कर ने सुरक्षा इंतजामों की पोल उजागर की तो जेल और जिला प्रशासन बुधवार को हरकत में आया। खामियों को सुधारने के लिए स्थानीय स्तर पर कोशिशें शुरू हो गई हैं। वहीं कुछ मामलों के लिए प्रस्ताव भेजे हैं। जेल परिसर की हाउसिंग बोर्ड से लगती टूटी बाउंड्री की मरम्मत का काम शुरू हो गया। चौकसी ज्यादा कर दी गई। मुख्य गेट पर एंट्री से पहले चैकिंग को सख्त कर दिया है।
जेल प्रशासन ने पीछे की तरफ वॉच टावर बनाने की मांग उच्चाधिकारियों को भेजी है। इसके अलावा गैंगवार को रोकने के लिए जेल में एक और बाड़ा बनाने, सुरक्षा प्रहरियों की तादाद में इजाफा करने को भी लिखा है। इससे पहले विजिट पर आए अधिकारियों ने चर्चा के दौरान जेल में ऐसा इक्विपमेंट लगाने की बात कही थी, जिससे चार फीट जमीन के अंदर रखी वस्तु का भी पता चल जाए। क्योंकि आबादी होने की वजह से जैमर मुमकिन नहीं है। बुधवार को जेल प्रशासन ने अंदर सर्च ऑपरेशन भी चलाया।
सूत्रों के मुताबिक जेल प्रशासन मान रहा है कि जेल अनसेफ है। क्योंकि जेल में खूंखार अपराधियों को अलग-अलग रखने का इंतजाम नहीं है। जेल की बाउंड्री वॉल इतनी छोटी है कि कोई भी बाहरी परिसर में आसानी से आ-जा सकता है। कई जगह से टूटी है, जहां से लोगों ने आम रास्ता बना दिया है। पीछे की तरफ जमीन इतनी ऊंची है कि बच्चा भी कोई चीज आसानी से अंदर फेंक सकता है।
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