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जिम्मेदारी से बच रहे हैं सभी जिम्मेदार

7 वर्ष पहले
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सीकर. एटीएम में लगातार चोरी की घटनाएं हो रही है। इसके बावजूद बैंक, एजेंसी और पुलिस एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। एटीएम में रखे लाखों रुपए की सुरक्षा की जिम्मेदारी कोई भी लेने का तैयार नहीं है। एटीएम सुरक्षा की बात आरबीआई की बैठक में भी उठ चुकी है। महज सात दिन में सीकर जिले में एटीएम में चोरी और तोडफ़ोड़ की तीन बड़ी घटनाएं हो चुकी है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी अपने हाथ खींच रहे हैं। इसी बीच एक दूसरी तस्वीर यह भी कि प्राइवेट बैंकों के एटीएम पर 24 घंटे गार्ड तैनात रहते हैं। लेकिन राष्ट्रीयकृत बैंकों के एटीएम पर यह व्यवस्था नहीं है। जबकि इनके पास प्राइवेट से ज्यादा संसाधन और सुविधाएं रहती हैं।

:हर दिन एक लाख का ट्रांजेक्शन, डाल दिए 22 लाख : एम्फेसिस कंपनी की ओर से धोद रोड पर संचालित किए जा रहे एटीएम में हर दिन एक लाख रुपए का ट्रांजेक्शन होता है। नौ लाख रुपए बैलेंस होने के बावजूद एटीएम में 13 लाख रुपए और क्यों डाले गए।

:हर ट्रांजेक्शन पर चार्ज की तैयारी : एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि आरबीआई अधिकारियों ने बैठक में एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था सुचारू रखने की बात रखी। बैंकर्स ने इस खर्च को वहन करने के लिए हर ट्रांजेक्शन पर चार्ज वसूलने का प्रस्ताव रख दिया।

:गार्ड का नहीं होता पुलिस वेरिफिकेशन : शहर में एटीएम पर गार्ड लगाने के लिए न तो बैंक व संबंधित एजेंसी गार्ड का पुलिस वेरिफिकेशन करवाती है न ही पुलिस इसका प्रयास करती है। एटीएम पर एजेंसियां आए दिन एटीएम पर गार्ड बदलती रही है। गंभीर तो यह है कि बैंक या एटीएम लगाने वाली एजेंसी भी एटीएम लगाने से पहले संबंधित जगह का पुलिस वेरिफिकेशन तक नहीं करवाती है।

:20 करोड़ की सुरक्षा के लिए कोई गार्ड नहीं : करीब 80 एटीएम में रहने वाले 20 करोड़ रुपए की सुरक्षा के लिए कोई गार्ड नहीं है। जिलेभर में 133 एटीएम है। शेष पेज - 14



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