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डाउनलोड करेंसीकर. जेल में हुई फायरिंग के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। वांटेड अपराधी पांच बार जेल में सुभाष बराल से बिना पर्ची के मिला। उसी ने रिवॉल्वर और कारतूस मुहैया कराए। कुलदीप नाम का यह युवक नेछवा क्षेत्र में डकैत शिवदत्त की मौत के दौरान मौके पर था। यह बड़ी गैंग से जुड़ा हुआ है। सिस्टम की कार्यशैली पर इसलिए सवाल खड़े हो गए हैं कि घटना के बाद जेल अधिकारी, प्रशासन और पुलिस ने दावा किया था कि पिछले 25 दिन के दौरान सुभाष से किसी की जेल में मुलाकात नहीं हुई। वहीं फायरिंग की घटना को बेहद गंभीर मानते हुए सरकार ने डीआईजी ((जेल)) सरवर खां को जांच दी है।
गुरुवार को सीकर आए डीआईजी ने जेल का दौरा किया और कर्मचारियों के बयान लिए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सुभाष बराल ने पूछताछ में बताया है कि कुलदीप से उसकी जेल में कई बार मुलाकात हुई थी। इसके बाद अधिकारियों ने जेल का रिकार्ड खंगाला तो उसमें कुलदीप के बारे में जानकारी नहीं मिली। साफ हो गया कि ये मुलाकात बिना पर्ची हुई। अभी तक की जांच में सामने आ रहा है कि हथियार फेंक कर ही उपलब्ध कराया गया है।
प्रशासन, पुलिस और जेल अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद सरकार ने विशेषतौर पर जांच डीआईजी को दी है। ताकि सीकर जेल की हकीकत सामने आ सके। इधर, उद्योग नगर पुलिस एसएचओ राजेंद्र रावत ने बताया कि सुभाष बराल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। फिलहाल उसे सीकर जेल में रखा है।
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