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डाउनलोड करेंउदयपुर. लेकसिटी में पीछोला घाट, जगदीश चौक और चांदपोल क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक मंदिरों को पर्यटन से जोड़ा जाएगा। इनके महत्व को लेकर धार्मिक सर्किट तैयार किया जा रहा है। इसके तहत मंदिरों का विकास और उनके इतिहास की जानकारी दी जाएगी।
पर्यटन के साथ देव दर्शन जुड़ जाने से इस शहर का महत्व अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल में और अधिक बढ़ जाएगा। जिला प्रशासन ने देवस्थान विभाग के सहयोग से जगदीश मंदिर के आसपास स्थित अन्य मंदिरों को डवलप करने की योजना बनाई है जिनकी बनावट भव्य एवं आकर्षक है।
कलेक्टर आशुतोष पेडणेकर ने बताया कि जगदीश चौक स्थित मंदिरों के फोटोग्राफ, ऐतिहासिक महत्व की जानकारियां देवस्थान विभाग से ली गई है। मंदिरों का जायजा लेकर श्रद्धालुओं व पर्यटकों को मंदिरों तक आकर्षित करने की योजना पर शीघ्र काम शुरू करेंगे।
ये हैं ऐतिहासिक महत्व वाले मंदिर
बांके बिहारी : प्राचीन बनावट है। मुख्य क्षेत्र में स्थित है।
जवान स्वरूप : सिटी पैलेस रोड स्थित मंदिर की बनावट सामान्य है, लेकिन प्रतिमा आकर्षक है।
गोकुल चंद्रमा : प्राचीन मंदिर है, मुख्य क्षेत्र में स्थित है।
पाला गणेश : प्राचीन मंदिर है। गणेश जी की बड़ी प्रतिमा स्थापित है। मंदिर के इतिहास की कहानी रोचक है।
जाड़ा गणेश : सामान्य मंदिर है, लेकिन गणेश जी की बड़ी प्रतिमा स्थापित है।
बैजनाथ महादेव : आकर्षक बनावट और पुराना मंदिर है। बताया जाता है कि रावण ने यहां पूजा अर्चना की थी।
हनुमान मंदिर (हरिदास मगरी) : मंदिर नया है, लेकिन प्रमुख क्षेत्र में स्थित है। इस मंदिर को क्षेत्र के लोगों ने ही संवारा है। मंदिर के चारों ओर लोगों ने पार्क विकसित किया है।
स्वरूप बिहारी मंदिर : प्राचीन बनावट है और मुख्य क्षेत्र में स्थित है।
जगत शिरोमणि मंदिर : जगदीश चौक के पास और सिटी पैलेस रोड पर स्थित है। प्राचीन पत्थरों से निर्मित है।
संस्कृत कॉलेज परिसर में भीम परमेश्वर मंदिर : चांदपोल बाहर यह मंदिर झील किनारे बना हुआ है। गत वर्ष यहां रामलीला फिल्म की शूटिंग भी हो चुकी है।
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