आज रात से बंद हो जाएगी जावर माइंस
उदयपुर - हिंदुस्तान जिंक की जावर माइंस शुक्रवार रात से बंद हो जाएगी। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति नहीं मिलने के कारण वन विभाग ने माइंस बंद करने का नोटिस जारी किया है। हिंदुस्तान जिंक प्रबंधन को एक साल में इसे ग्राम सभा में अनुमोदित कराकर स्वीकृति लेनी थी। यह प्रक्रिया गुरुवार शाम तक पूरी नहीं हो पाई। हंदुस्तान जिंक की इस क्षेत्र में चार माइंस संचालित होती है। इसमें से तीन माइंस वन क्षेत्र में है। चौथी माइंस का भी कुछ हिस्सा वन क्षेत्र में है, जिससे उसे भी बंद करने की नौबत हो सकती है। यह माइंस शुक्रवार रात 12 बजे से बंद की जाएगी। जिंक के कार्पोरेट कम्युनिकेशन हेड पवन कौशिक ने बताया कि वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की स्टेट टू क्लीयरेंस नहीं मिलने के कारण माइंस शुक्रवार रात से बंद की जा रही है।
आसपास लोगों को रोजगार
माइंस में अधिकांश श्रमिक माताजी फला, वाड़ा फला, वीरिया फला, जावरमाला, पाडलिया, कानपुर, धावड़ी तलाई व रवाफला सहित आसपास क्षेत्रों के है।
3 साल पहले भी बंद हुई थी
वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की अनुमति के अभाव में इन माइंस को 29 मार्च 2010 को बंद किया गया था। इसके बाद अस्थाई तौर पर 24 जनवरी 2013 को एक साल संचालन की अनुमति मिली थी।
अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए सहमति नहीं देने का प्रस्ताव : ग्राम पंचायत जावर की ग्राम सभा में ग्रामीणों ने जिंक खनन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र अथवा लीज रिन्यू के लिए सहमति नहीं देने का प्रस्ताव पारित किया। इससे पहले टीडी पंचायत ने भी इसका विरोध कर दिया था। सरपंच लक्ष्मण भील, पूर्व विधायक मेघराज तावड़, जनवादी मजदूर यूनियन के संरक्षक डी.एस. पालीवाल ने संबोधित किया।