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उदयपुर में डेढ़ हजार लोगों को देनी होगी लीगल फीस

8 वर्ष पहले
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उदयपुर - हाउसिंग बोर्ड के मकानों को लेकर तय हुए आदेश में अब नए मकानों के आवंटियों को विधिक शुल्क देना होगा। अब तक यह शुल्क सिर्फ संस्थानिक आवंटन पर ही था। नामांतरण और नाम परिवर्तन का भी शुल्क लगेगा। हाउसिंग बोर्ड प्रबंधन को मुख्य संपदा प्रबंधक से जारी आदेश मिल चुके हैं। इस आदेश के बाद शहर के करीब डेढ़ हजार लोगों को मकान आवंटन पत्र के साथ विधिक शुल्क देना होगा। इसमें आर्थिक दृष्टि से कमजोर लोगों को भी यह शुल्क देना होगा। अब तक इस तरह को कोई शुल्क नहीं होता था। बताया गया कि विधिक मामलों में यह शुल्क अब तक हाउसिंग बोर्ड प्रबंधन ही देता था। इसमें संस्थानिक आवंटन पर विधिक शुल्क एक हजार से बढ़ाकर दस हजार रुपए कर दिया है।



नाम परिवर्तन पर पंजीयन के प्रशासनिक शुल्क में आया अंतर

किस श्रेणी के कितने लोगों पर असर

वर्ग पहले अब

ईडब्ल्यूएस 3000 5000 रु.

एलआईजी 5000 5000 रु.

एमआईजी ए 7000 10000 रु.

एमआईजी बी 7000 15000 रु.

एचआईजी 10000 20000 रु

वर्ग मकानों

की संख्या

आर्थिक दृष्टि से 320

कमजोर आय वर्ग

अल्प आय वर्ग 320

मध्यम आय वर्ग ((अ)) 240

मध्यम आय वर्ग ((ब)) 18

उच्च आय वर्ग 48

मध्यम आय वर्ग डुपलेक्स 36

रजिस्ट्री बाकी है 800

हाउसिंग बोर्ड

इनका

भी

लगेगा शुल्क

मूल आवंटी के साथ निकट संबंधी का नाम जोडऩे पर दो हजार रुपए लगेंगे। मूल आवंटी की मृत्यु पर उत्तराधिकारी के नाम प्रतिस्थापित करने पर भी दो हजार रुपए लगेंगे। किराया पद्धति में रजिस्ट्री या आवंटन करने पर पांच सौ से पांच हजार रुपए तक श्रेणी अनुसार शुल्क लगेगा। पहले ये सभी कार्य निशुल्क होते थे।