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सब कुछ भूलो, लेकिन धर्म नहीं : गणेश मुनि

8 वर्ष पहले
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उदयपुर - जिंदगी में अच्छा किया, बुरा किया, उसे भूलो, उससे अहंकार पैदा होता है। जिंदगी में अच्छा बुरा भूलो, लेकिन धर्म को मत भूलना। यह विचार राष्ट्र संत गणेश मुनि शास्त्री ने अमर जैन साहित्य संस्थान में धर्म सभा में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि धर्म करो, दान करो तो इच्छाएं पूरी होगी। यह स्थिति वर्तमान और भविष्य में भी रहेगी। प्रवर्तक रमेश मुनि ने कहा कि पाप को छोड़े बिना पुण्य प्राप्त नहीं होता। भगवान महावीर को केवल्य ज्ञान होने के बाद संघ का गठन हुआ। उनका विधि विधान, मर्यादा अनोखी है। उसकी पालना करने वाला सही मायने में जैन है। कवि रत्न विजय मुनि ने कहा श्रम व संकल्प दृढ़ हो तो लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उपप्रवर्तक जिनेंद्र मुनि ने कहा जीवन की यात्रा में धर्म से सादगी, संपन्नता आती है। अधर्म से विषमता व कष्ट आता है। अत: तप व आराधना से आत्म ज्ञान की प्राप्ति होती है। अमर जैन साहित्य संस्थान के अध्यक्ष भंवर सेठ ने कहा कि कोई भी समाज समानता के सिद्धांत पर ही आगे बढ़ता है अत: समाज का दायित्व है कि वह भेद मिटाने की पहल करे।