- Hindi News
- वैल्यू के लिए कारूरी है स्किल्स, लोकलाइजेशन और इनोवेशन
वैल्यू के लिए कारूरी है स्किल्स, लोकलाइजेशन और इनोवेशन
उदयपुर, रविवार
२६ जनवरी, २०१४
नितिन नोहरिया डीन, हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल
२०वीं सदी अमेरिका की थी। 21वीं सदी ग्लोबल सेंचुरी है। एक ऐसी सदी, जहां कई देशों और क्षेत्रों के बिज़नेसेस और एग्ज़ीक्यूटिव्ज दुनिया की अर्थव्यवस्था की ग्रोथ को आकार देंगे। 1988 की बात है, जब हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल की 10 केस स्टडीज़ में से 9 अमेरिकी कंपनियों पर होती थी। पिछले साल 250 केस स्टडीज़ हुईं। इनमें आधी से ज्यादा गैरअमेरिकी कंपनियों पर थीं। यह बड़ा बदलाव है।
आज भारतीय कंपनियों को वैश्विक कंपनियों से स्पर्धा करते देखना अच्छा लगता है। भारतीय कंपनियां कैसे उभरीं और वे अपनी प्रतिस्पर्धा को कैसे बनाए रख सकती हैं, पहले यह जानना जरूरी है कि इस नई ग्लोबल सेंचुरी में बिज़नेसेस कैसे वैल्यू पैदा करें। इसके तीन तरीके हैंकुशलता, स्थानीय जरूरतों के अनुरूप ढालना और इनोवेशन। दो तरीकों में भारतीय कंपनियों की महारत है। इनोवेशन में उन्हें और कुछ करना होगा। 1991 में जब आर्थिक उदारीकरण शुरू हुआ तो भारतीय कंपनियां वैश्विक स्पर्धा के प्रति संशय में थीं। लेकिन उन्होंने कमाल का काम किया। विप्रो, इंफोसिस और टीसीएस की सफलता इसका उदाहरण है। टाटा मोटर्स जैसी अन्य सेक्टर की कंपनियों ने भी साबित किया कि भारतीय कंपनियां वैश्विक मौकों का फायदा उठाने में सक्षम हैं।
अमेरिकी कंपनियों को 20वी सदी में जिस तरह के मौके थे, वैसे ही मौके आज भारतीय कंपनियों के पास घरेलू बाजार में हैं। वे इसका फायदा उठाते हुए अन्य बाजारों में भी जा सकती हैं। भारतीय कंपनियों को वैल्यू क्रिएट करने के लिए इनोवेशन पर जोर देना होगा। अमेरिकी कंपनियों ने भी इनोवेशन के जरिए ही सफलता हासिल की। इनोवेशन के जरिए भारतीय कंपनियों के पास ग्लोबल सेंचुरी में विजेता बनने के मौके हैं। इनोवेशन दो तरह से आ सकता हैवैश्विक उपभोक्ताओं के लिए नई सेवाएं और प्रोडक्ट्स बनाना। दूसरा, कम से कम संसाधनों और बहुत ही कम कीमत पर मौजूदा जरूरतें पूरी करना। भारत में पिरामल लाइफ साइंस और बायोकान वैश्विक बाजार में नई पेटेंटेड सस्ती ड्रग्स लेकर आई हैं। अगर वे सफल रहीं तो इनोवेशन में भारत की क्षमता साबित हो जाएगी।
दूसरे प्रकार के इनोवेशन को बचत करने वाला इनोवेशन कहते हैं। यह गरीबी रेखा के नीचे जी रहे करोड़ों लोगों की जरूरतों को पूरी कर सकता है। वे समृद्ध हो सकते हैं। भारत में नारायण हृदयालय अस्पताल इस तरह के इनोवेशन का उदाहरण है। उसने साबित किया है कि कम कीमत पर हार्ट सर्जरी की जा सकती है और उसके नतीजे महंगे इलाज की तरह हासिल किए जा सकते हैं। टाटा की नैनो कार भी बचत करने वाले इनोवेशन का उदाहरण है।
रीइमेजङ्क्षनग इंडिया
जोखिमभरा हो सकता है अति आत्मविश्वास
अति आत्मविश्वास जोखिमभरा हो सकता है। वार्टन स्कूल की जेसिका ए. केनेडी और उनकी टीम ने अध्ययन में पाया कि अति आत्मविश्वास व्यक्ति को पावर पोजिशंस हासिल करने में मददगार हो सकता है, लेकिन ऐसे लोग वास्तव में उस पावर को पाने के लिए कम सक्षम होते हैं। अध्ययन में यह भी पाया गया कि अति आत्मविश्वासी व्यक्ति को उस स्थिति में स्टेटस का कोई नुकसान नहीं होता है, जब ग्रुप के लोगों को उनके वास्तविक परफॉर्मेंस के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल गई हो। ((स्रोत : इकोन पेपर्स))
टॉकिंग पॉइंट्स
रचनात्मक मतभेद से आते हैं नए आइडिया
मैनेजर्स कई चुनौतियों का सामना करते हैं। उनके लिए मतभेदों या संघर्ष से निपटने की जरूरत और संघर्ष टालने की स्वाभाविक काबिलियत के बीच सही संतुलन बनाए रखना भी चुनौती होती है। अनियंत्रित संघर्ष से माहौल खराब होता है। अधूरा संघर्ष भी नुकसान पहुंचाता है। रचनात्मक संघर्ष से ही क्रिएटिव आइडियाज़ आते हैं और इससे ऑर्गेनाइज़ेशन को फायदा होता है। रचनात्मक संघर्ष को प्रोत्साहित करें। टीम के साथी इस आइिडया, स्ट्रेटेजी, प्रैक्टिस और प्रोसेस से असहमत हो सकते हैं, लेकिन इसकी ङ्क्षचता न करें। इसे कभीकभी करने की बजाय इसका शेड्यूल बनाएं। टीम से सवाल पूछें और बदलाव लाएं। अगर कोई मीटिंग में परेशान करने वाले सवाल पूछे तो रोकने की बजाये उन्हें बोलने दें। अगर संभव हो तो उन पलों को सीखने योग्य बनाएं और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए कहें।
((स्रोत : नाइस मैनेजर्स एंब्रेस कॉन्िलक्ट, टू : रॉन और लिसा बोडेल))
काम को ‘नहीं’ कहने के लिए अपनाएं ये तरीके
किसी को क्रनहींञ्ज कहना आसान नहीं होता है। खास करके ऑफिस में। लेकिन अगर आपको रिफरेंस लेटर के लिए कहा जाए, जिसे आप लिखना नहीं चाहते हैं या आपका अंतर्मन लिखने को प्रेरित नहीं कर रहा है तो इंकार करने के लिए ये तरीके अपना सकते हैं पहला, अगर आप रिक्वेस्ट करने वाले को अच्छेसे नहीं जानते हैं तो अन्य व्यक्ति के हित में इंकार कर सकते हैं। उससे कहें कि आप उस व्यक्ति के साथ बेहतर साबित होंगे, जो आपकी वर्क स्टाइल/प्रोडक्ट/व्यवहार को जानता हो। दूसरा, अगर आप अच्छा रिफरेंस नहीं दे सकते हैं तो इससे हट जाएं। रिक्वेस्ट करने वाले से कहें कि रिफरेंस लेटर उस स्तर पर नहीं पहुंच पाएगा, जिसकी आप उमीद कर रहे हैं। यह थोड़ी कठिन भाषा होगी, लेकिन यह रिक्वेस्ट करने वाले के हित में ही होगी।
((स्रोत: थ्री वेज़ टू से नो टू ए रिफरेंस रिक्वेस्ट : जोडी ग्लिकमैन))
मैनेजर्स को चाहिए कि अगर कोई मीटिंग के दौरान परेशान करने वाले सवाल पूछता है तो उसे रोके नहीं। अच्छा लीडर वही होता है, जो टीम के सदस्यों को बात कहने का पूरा मौका दे। इससे संबंधित कुछ टिप्स पढि़ए हार्वर्ड बिज़नेस रिव्यू से...
बेचैन करने वाले सवाल पूछने से टीम को न रोकें
उ २०१३ ॥ड्डह्म्1ड्डह्म्स्र - ह्वह्यद्बठ्ठद्गह्यह्य स्ष्द्धशशद्य क्कह्वड्ढद्यद्बह्यद्धद्बठ्ठद्द ष्टशह्म्श्च.
((ष्ठद्बह्यह्लह्म्द्बड्ढह्वह्लद्गस्र ड्ढ4 ञ्जद्धद्ग हृद्ग2 ङ्घशह्म्द्म ञ्जद्बद्वद्गह्य स्4ठ्ठस्रद्बष्ड्डह्लद्ग)) इलस्ट्रेशन : कुमार, दैनिक भास्कर
आज ही शुरुआत है। आज ही ङ्क्षजदगी है। आज यानी बेशकीमत मौका। आज आपकी बाकी जिंदगी का पहला दिन है। आज की ङ्क्षजदगी को कल के लिए अफसोस नहीं बनने दें। पढि़ए ऐसे ही पांच तरीकों के बारे में
अपनी जिंदगी के लीडर खुद बनें : औरों की राय पर जीना छोड़ दें। खुद के प्रति सच्चे रहें। कई लोग अपने सपनों और लक्ष्यों को इसलिए आगे नहीं बढ़ाते हैं कि दूसरे लोग उनके बारे में क्या सोचेंगे। कोशिश करने से पहले ही वे इन्हें छोड़ देते हैं। अपनी ङ्क्षजदगी के खुद लीडर बनें। दूसरों को आपका लीडर न बनने दें।
घोंसले में बैठे रहने से उडऩा अच्छा : ङ्क्षजदगी बहुत छोटी है। घोंसले में बैठे रहने की जोखिम उडऩे की जोखिम से ज्यादा घातक होती है। अपने पंख खोलें। उडऩे की शुरुआत अभी से करें। अपनी क्षमताओं की सुंदरता और ताकत को देखे बगैर उम्रदराज़ होना ठीक नहीं।
बदलाव के लिए चुनौतियां स्वीकार करें: जब तक आपके सामने चुनौती नहीं होगी, आपमें बदलाव नहीं होगा। जब लक्ष्य बड़ा हो और प्लान कठिन लग रहा हो तो शुरुआत करें और कुछ समय के लिए इसे आगे बढ़ाएं। जल्द ही अगला कदम आपको आसान लगने लग जाएगा।
गलतियों से सीखें, अनुभव से आगे बढ़ें: आप लडख़ड़ाएंगे तो गिरेंगे भी। गलतियां करेंगे तो नाकाम भी होंगे। इनसे सीखेंगे। कोई भी इंसान परफेक्ट नहीं होता है। आप घायल होंगे, पराजित नहीं। अनुभवों से ही आगे बढ़ा जा सकता है। तकलीफ में भी कदम बढ़ाते जाएं। यह आपकी आंतरिक ताकत को जाहिर करेगी।
निराशा को कभी हावी न होने दें : इस सच को स्वीकार करें कि जिंदगी परफेक्ट नहीं है। लोग परफेक्ट नहीं हैं। आप परफेक्ट नहीं हैं। सबसे महत्वपूर्ण इस बात को स्वीकार करना है कि हालात कठिन हों, फिर भी उन्हें अनुकूल बनाया जा सकता है। निराशा को खुद पर हावी नहीं होने दें।
आज को बेहतर बनाने के पांच असरदार उपाय
अमेरिका के हवाई प्रांत का तीसरा सबसे बड़ा द्वीप है ओआहु। यह अमेरिका का सबसे ज्यादा आबादी वाला द्वीप भी है। बहुत तादाद में पर्यटक आने के कारण इसे गैदरिंग प्लेस भी कहा जाता है। इस द्वीप पर सर्फ संस्कृति मशहूर है। यहां सॢफंग को सोशल स्टेटस और पावर का प्रतीक माना जाता है। हर वर्ष यहां एक सप्ताह तक सर्फ फेस्टिवल मनाया जाता है, जिसमें हजारों लोग हिस्सा लेते हैं। - फोटो नेशनल जियोग्राफिक
सॄफग पावर