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दोनों और से बन रही है ट्विंस टनल

7 वर्ष पहले
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उदयपुर से गोमती 83 किमी रोड को फोरलेन बनाने का काम गति पकड़ चुका है। इस परियोजना के प्रमुख काम चीरवा घाटे में सिक्स लेन ट्विंस टनल का काम पहाड़ के दोनों तरफ से शुरू हो चुका है। भूत गिरी बावजी के देवरे की तरफ से टनल का आउट कटिंग काय 90 फीसदी पूरा हो गया है। इसके बाद पहाड़ की खुदाई शुरू हो जाएगी। अंबेरी वाले छोर से टनल आउट कट कार्य 25 फीसदी हुआ है। कैलाशपुरी व देलवाड़ा बाइपास कार्य शुरू हो गया है। नाथद्वारा में 1200 मीटर लंबा एलिवेटेड रोड का निर्माण तेज गति से चल रहा है। खारी व बनास नदियों पर रोड ब्रिज बनाने के काम तेजी से चल रहे हैं। राजसमंद से भीलवाड़ा के बीच 85 किमी लंबे निर्माणाधीन फोरलेन रोड की रफ्तार गोमती रोड की तुलना में काफी तेज है। इसका निर्माण समतल जमीन पर होने से काम की गति अपेक्षा से अधिक है। इस परियोजना में पोटलां के पास चंद्रभागा नदी पर 200 मीटर लंबा पुल, कुंवारिया रेलवे समपार पर ओवर ब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। पोटलां, कारोही, पुर और कुंवारिया गांवों के बाहर से बाइपास निकालने हैं। इस फोरलेन का निर्माण अप्रैल 2016 तक पूरा होने की संभावना है। इस पर 700 करोड़ रुपए खर्च होंगे। उदयपुर से राजसमंद गोमती फोरलेन रोड से जुड़ेगा। राजसमंद से भीलवाड़ा के बीच इस मार्ग के बनने पर उदयपुर से भीलवाड़ा के बीच आवागमन के दो फोरलेन मार्ग हो जाएंगे।




एनओसी की प्रक्रिया जटिल है

एक वर्ष पूर्व स्वीकृत पांच हाईवे में से तीन का काम काफी धीमा होने की वजह यह है कि भूमि अवाप्ति तथा वन विभाग से एनओसी लेने की प्रक्रिया बहुत जटिल है। हमारा विभाग सभी कामों को तत्परता से पूरा कर रहा है। एक बार निर्माण शुरू होने के बाद काम की गति अपने आप तेज हो जाएगी।

एच.के.भट्ट, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, नेशनल हाईवे उदयपुर

स्वरूपगंज-रतलाम रोड



भटेवर-चारभुजा मार्ग

जिले के भटेवर कस्बे से राजसमंद जिले के चारभुजा कस्बे तक 160 किमी लंबा मेगा हाईवे निर्माण की स्वीकृति एक वर्ष पूर्व दी गई थी। उदयपुर से भटेवर फोरलेन रोड से कनेक्ट है। नई स्वीकृति के तहत भटेवर से वल्लभनगर, मावली, नाथद्वारा, हल्दीघाटी, लोसिंग, केलवाड़ा होकर चारभुजा तक मेगा हाईवे बनाना प्रस्तावित है। एक वर्ष में सिर्फ प्रोजेक्ट बनाने का काम हुआ है। डीपीआर बनने के बाद निर्माण राशि की मंजूरी, भूमि अवाप्त करने की अधिसूचना का प्रकाशन, भूमि अवाप्ति की कार्रवाई, मुआवजा वितरण, निविदा जारी करना, कार्यादेश तथा निर्माण कार्य शुरू करना आदि तमाम महत्वपूर्ण काम बाकी हैं।

एक साल पहले मिली थी पांच हाइवे को मंजूरी