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डाउनलोड करेंउदयपुर. कोर्ट केस को लेकर समय पर जवाब पेश नहीं हो पाने के मामले में यूआईटी की विधि शाखा ने अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की है। सचिव के मार्फत पत्र भेजे गए हैं।
पत्र में कहा गया है कि अधिकारियों को जिन प्रकरणों में प्रभारी नियुक्त किया गया है, उनसे संबंधित अपडेट रजिस्टर में दर्ज किया जाए। किसी मामले में स्टे चल रहा है तो संबंधित वकील से व्यक्तिश: संपर्क कर समय रहते जवाब पेश कराएं। सभी शाखा प्रभारियों से सात दिन में यह जानकारी भी मांगी गई है कि उनसे जुड़ा ऐसा कोई मामला नहीं है, जिसमें कोर्ट में जवाब पेश किया जाना बाकी है। शाखा प्रभारियों को विधि विभाग की ओर से अक्टूबर 2013 में जारी गाइड लाइन की कॉपी भी भेजी गई है। इसमें कोर्ट वाले मामले में प्रभारी अधिकारियों के कर्तव्य बताए गए हैं।
गौरतलब है कि यूआईटी चेयरमैन एवं कलेक्टर आशुतोष पेडणेकर ने पिछले गुरुवार को जनसुनवाई के दौरान कड़ी नाराजगी जताई थी कि यूआईटी कोर्ट में समय पर जवाब पेश नहीं कर पाती। नतीजतन सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले लोगों को भी स्टे मिल जाता है।
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