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प्रतापगढ़ के तीन अपचारी संप्रेषण गृह की खिड़की तोड़ भागे
उदयपुर - चित्रकूट नगर स्थित बाल अधिकारिता विभाग एवं जिला बाल संरक्षण इकाई ((बाल संप्रेषण गृह)) की खिड़की तोड़कर गुरुवार को तीन अपचारी भाग गए। तीनों प्रतापगढ़ के हैं। इनके भागने के बाद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। शाम को संप्रेषण गृह अधीक्षक ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने बताया कि तीनों अपचारी प्रतापगढ़ में चोरी के मामले में पकड़े गए थे। वहां बाल सम्प्रेषण गृह नहीं होने से इन्हें यहां भेजा गया। इनमें एक अपचारी 17 साल का है, जबकि बाकी दो की उम्र 16-1६ साल है। शेष - पेज ६
पिछले साल अप्रैल से तीनों यहीं रह रहे थे। अपचारियों ने संप्रेषण गृह में खेलने के लिए मिले कैरम बोर्ड की लकड़ी तोड़ी। इससे संप्रेषण गृह के पिछले हिस्से में लगी खिड़की की सरिए टेढ़े किए और दोपहर दो बजे भाग गए। तब किसी व्यक्ति ने तीनों को भागते देखा तो मामला सामने आया।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
संप्रेषण गृह में 5 उदयपुर और 5 प्रतापगढ़ के अपचारी हैं। सभी विचाराधीन हैं और एक ही कमरे में रहते हैं। अपचारियों ने कैरम की लकड़ी से खिड़की के सरियों को टेढ़ा किया और फरार हो गए, जबकि सुरक्षा के लिए तैनात गार्ड और केयर टेकर को इस बारे में भनक तक नहीं लगी। विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही भी इतनी रही कि इन्होंने उस कमरे पर नजर तक नहीं रखी, जहां अपचारियों को रखा जाता है।
हम स्टाफ की कमी से परेशान हैं
हमारे यहां स्टाफ की कमी है। इससे आए दिन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। तीन गार्ड हैं, जो 24 घंटों में आठ-आठ घंटे की ड्यूटी करते हैं। तीन पोस्ट होने के बावजूद एक ही केयरटेकर है। एक गार्ड और एक केयरटेकर के भरोसे सुरक्षा करना काफी मुश्किल हो जाता है। निदेशालय को भी लिख चुके हैं। खिड़की ज्यादा ऊंची नहीं थी। अपचारियों ने कैरम बोर्ड की लकड़ी तोड़कर उससे खिड़की में लगी लोहे की सरिए टेढ़े किए और वहां से फरार हो गए।
वीणा मीरचंदानी, अधीक्षक, बाल अधिकारिता विभाग एवं जिला बाल संरक्षण इकाई