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सेंसेक्स ऊंचाई के नए आसमान पर

8 वर्ष पहले
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बिजनेस भास्कर - नई दिल्ली/मुंबई
फार्मा व मेटल शेयरों के साथ ही रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में दर्ज की गई एक फीसदी के करीब की बढ़त के चलते बुधवार को बांबे स्टॉक एक्सचेंज ((बीएसई)) का मुख्य इंडेक्स सेंसेक्स 86.55 अंक चढ़ गया और अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 21,337.67 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में बढ़त का यह लगातार तीसरा सत्र रहा। इन तीन सत्रों के दौरान सेंसेक्स में 247.05 अंक यानी 1.30 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है। इससे पहले सेंसेक्स का सबसे ऊंचा बंद स्तर 21,326.42 अंक का रहा था, जो कि इसने 9 दिसंबर, 2013 को हासिल किया था।
ब्रोकरों के मुताबिक, महंगाई के काबू में आने के मद्देनजर इस बात की उम्मीद बढ़ गई है कि भारतीय रिजर्व बैंक ((आरबीआई)) अपनी अगली बैठक में पॉलिसी दरों में बढ़ोतरी नहीं करेगा। रिजर्व बैंक की अगली पॉलिसी बैठक 28 जनवरी को होने जा रही है। इसी उम्मीद में निवेशक दो सत्रों से बाजारों में लगातार लिवाली कर रहे थे। बुधवार को भी बीएसई सेंसेक्स ने 21,251.65 अंक के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की और एक समय तो यह 21,377.91 अंक के दिन के सबसे ऊंचे स्तर तक चढ़ गया था। ब्रोकरों का कहना था कि हाल के दिनों में कॉरपोरेट इंडिया की तरफ से जारी किए गए वित्त वर्ष 2013-14 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे भी कमोबेश बाजार की उम्मीदों पर खरे उतरें है, जिससे लिवाली को समर्थन मिल रहा है।
साथ ही, ग्लोबल स्तर पर अर्थव्यवस्था में रिकवरी की रफ्तार बढऩे की उम्मीद में एशिया से लेकर यूरोप व अमेरिका तक शेयर बाजारों में दर्ज की जा रही मजबूती का भी घरेलू बाजारों पर सकारात्मक असर पड़ा है। इसके अलावा, डॉलर की तुलना में रुपये के मजबूत होने से भी निवेशकों की धारणा में सुधार हुआ।
वेरासिटी ब्रोकिंग सर्विसेज के रिसर्च प्रमुख जिग्नेश चौधरी ने कहा कि सुबह के कारोबार में कमजोर रहने वाले रुपये में दोपहर बाद बैंकों की तरफ से डॉलर में हुई तेज बिकवाली से दर्ज की गई रिकवरी ने बाजारों को मजबूत स्तरों पर कंसोलिडेट करने में मदद की। आईडीबीआई फेडरल लाइफ इंश्योरेंस के चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर अनीष श्रीवास्तव के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा बांड खरीद कार्यक्रम में कटौती के चलते ग्लोबल स्तर पर तरलता घटने से सभी उभरते हुए बाजार अंडर-परफॉर्म करेंगे। लेकिन, चालू खाता घाटे में बेहतरी के चलते भारत की स्थिति कुछ अलग है। साल 2014 के दौरान भारत अन्य उभरते हुए बाजारों को आउट-परफॉर्म करेगा।
बीएसई सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में सबसे ज्यादा लिवाली फार्मा शेयरों में देखी गई। इस सेक्टर की सन फार्मा के शेयर का भाव 2.85 फीसदी, डॉ. रेड्डीज का 1.17 फीसदी व सिप्ला का 1.16 फीसदी चढ़ गया। इसके चलते बीएसई का हेल्थकेयर इंडेक्स 1.31 फीसदी उछल गया। साथ ही टाटा स्टील में हुई 2.28 फीसदी व हिंडाल्को में 2.04 फीसदी की बढ़त ने मेटल इंडेक्स को 0.93 फीसदी ऊपर धकेल दिया। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 0.94 फीसदी, भारती एयरटेल में 1.56 फीसदी, एनटीपीसी में 1.38 फीसदी, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 1.25 फीसदी और विप्रो में 1.04 फीसदी की तेजी रही। दूसरी ओर एसबीआई के शेयर में 0.77 फीसदी, एलएंडटी में 0.65 फीसदी और हीरो मोटोकॉर्प में 0.60 फीसदी की गिरावट रही।