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अब तेज भागते मीटरों से मिलेगी निजात

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - नई दिल्ली
आखिरकार तीन साल बाद एक बार फिर तेज भागते बिजली मीटरों की जांच की कवायद शुरू हो गई है। बिजली मीटरों की जांच को लेकर फाइल तैयार कर ली गई है और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मंजूरी मिलते ही दिल्ली सरकार फाइल को डीईआरसी ((दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग)) के पास भेज देगी। डीईआरसी द्वारा आर्डर जारी करते ही दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी ((डीटीयू)) तेज भागते मीटरों की जांच शुरू
कर देगी।
ऊर्जा विभाग के अधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तेज भागते मीटरों की जांच डीटीयू करेगी। इस बाबत सभी तैयारी कर ली गई है और फाइल को मुख्यमंत्री के पास भेज दिया गया है। इस बाबत सरकार आम जनता से अपील करेगी कि वे तेज भागते बिजली मीटरों की शिकायतें दर्ज कराना शुरू कर दें। मीटर टेस्टिंग के बाबत आम जनता को कुछ फीस भी जमा करनी पड़ सकती है।
तीन साल से नहीं हुए
टेस्ट :अमूमन दिल्ली में तेज भागते बिजली मीटर भी एक प्रमुख समस्या हैं और दिल्ली में इसे विपक्षी पार्टियां राजनीतिक मुद्दे के तौर पर भुनाती हैं। वर्ष 2007 में दिल्ली सरकार ने मीटर टेस्टिंग का कार्य शुरू किया था, लेकिन नवंबर 2010 में इसे बंद कर दिया गया। इस दौरान मीटर टेस्टिंग से संबंधित 3000 शिकायतें दर्ज की गईं। इस मामले में अधिकारियों की दलील थी कि सेंट्रल पॉवर रिसर्च इंस्टीट्यूट से अनुबंध समाप्त होने के बाद मीटर टेस्टिंग बंद हो गई थी। पूर्व में घरेलू मीटर के लिए 60 रुपए और व्यावसायिक मीटर के लिए 100 रुपए लिए जाते थे।