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- ‘अनियमितता मिलने पर श्रमायुक्त को हटाया’
‘अनियमितता मिलने पर श्रमायुक्त को हटाया’
ञ्चश्रम मंत्री गिरीश सोनी बोले, अनुबंध पर कार्यरत 80 फीसदी कर्मचारियों के नहीं हैं पीएफ व ईएसआई अकाउंट
भास्कर न्यूज - नई दिल्ली
दिल्ली के श्रमायुक्त को हटा दिया गया है। उनके कार्यकाल में श्रमिकों का काफी उत्पीडऩ हुआ है। दिल्ली की फैक्ट्रियों व विभागों में अनुबंध पर कार्यरत 80 फीसदी श्रमिकों का ईएसआई और पीएफ एकाउंट नहीं है, न ही उन्हें न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है। इसकी शिकायत मुझे श्रमिकों से मिली है। यह जानकारी दिल्ली के श्रम एवं रोजगार मंत्री गिरीश सोनी ने भास्कर को विशेष बातचीत में बताई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछली सरकार के राज में श्रम विभाग को पंगु बनाकर बनाकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई है। सोनी ने बताया कि कानून के मुताबिक, परमानेंट जॉब नेचर के रिक्त पदों पर कॉन्ट्रैक्ट श्रमिक नहीं रखे जाते। इस तरह के फैसलों के लिए दिल्ली सरकार का एडवाइजरी बोर्ड होता है, जिसका चेयरमैन श्रम मंत्री होता है।
जांच में पता चला है कि शीला सरकार ने इस पद पर श्रमायुक्त रमेश तिवारी को बिठाया हुआ था। फिलहाल उन्हें हटा दिया गया है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि परमानेंट नेचर की जॉब के लिए कॉन्ट्रैक्टर के लाइसेंस न जारी किए जाएं और न ही पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण किया जाए। स्थायी नियुक्ति के पदों पर कॉन्ट्रैक्ट श्रमिक न रखे जाएं। श्रमायुक्त ने बड़े विभाग को छोटा बनाकर रखा हुआ था, यहां पदों पर भर्तियां नहीं हुई हैं, जिससे कार्यप्रणाली में सुधार हो।