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चीनी मिलों को मिलेगा 800 करोड़ का एक और पैकेज
नई दिल्ली - आर्थिक घाटे से जूझ रही चीनी मिलों को केंद्र सरकार ने 800 करोड़ का एक और राहत पैकेज देने की तैयारी कर ली है। चीनी मिलों को 40 लाख टन रॉ-शुगर के निर्यात पर 2,000 रुपये प्रति टन की दर से इंसेंटिव देने की योजना बनाई गई है। इस पर आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में फैसला हो सकता है। सरकार ने इससे पहले 19 दिसंबर 2013 को चीनी मिलों को 6,600 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण का पैकेज देने का फैसला किया था। खाद्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय ने चीनी मिलों को 40 लाख टन रॉ-शुगर के निर्यात पर 2,000 रुपये प्रति टन की दर से इंसेंटिव देने का प्रस्ताव बनाया है।
इससे केंद्र सरकार पर करीब 800 करोड़ रुपये की सब्सिडी का अतिरिक्त भार पड़ेगा। हालांकि इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन ((इस्मा)) ने 40 लाख टन रॉ-शुगर के निर्यात पर 3,500 रुपये प्रति टन की दर से इंसेंटिव देने की मांग खाद्य मंत्रालय के समक्ष उठाई थी। केंद्र सरकार ने वर्ष 2007-08 में भी 60 लाख टन चीनी के निर्यात पर करीब 1,450 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी थी। इस्मा के अनुसार चालू पेराई सीजन में 250 लाख टन चीनी उत्पादन होने का अनुमान है। हालांकि मिलों में पेराई देरी से आरंभ होने के कारण 15 जनवरी तक चीनी उत्पादन 21 फीसदी घटकर 85.50 लाख टन का ही हुआ है।