डॉलर बाहर जाने की आशंका से गिरे बाजार
बिजनेस भास्कर - नई दिल्ली/मुंबई
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से बांड खरीद कार्यक्रम में और कटौती किए जाने के चलते ग्लोबल स्तर पर भारत समेत सभी उभरते हुए बाजारों से विदेशी निवेशकों की निकासी बढऩे की आशंका पैदा हो गई है। इससे ग्लोबल बाजारों में आई गिरावट का असर घरेलू बाजारों पर भी पड़ा। साथ ही, जनवरी सीरीज की एक्सपायरी ने भी बाजारों की धारणा को कमजोर किया। बांबे स्टॉक एक्सचेंज ((बीएसई)) का मुख्य सूचकांक सेंसेक्स 149.05 अंक यानी 0.72 फीसदी की गिरावट के साथ दो माह के निचले स्तर 20,498.25 अंक पर बंद हुआ।
फेडरल रिजर्व ने बुधवार को अपनी बैठक के बाद अपने मासिक बांड खरीद कार्यक्रम में 10 अरब डॉलर की कटौती और करने की घोषणा की। फेडरल रिजर्व दिसंबर, 2013 तक हर माह बाजार से 85 अरब डॉलर मूल्य के बांडों की खरीद करता था। जनवरी, 2014 से इसने इसका आकार घटाकर 75 अरब डॉलर कर दिया था। बुधवार को इसने घोषणा की कि अब यह हर माह बाजार से केवल 65 अरब डॉलर मूल्य के ही बांडों की खरीद करेगा। इससे भारत जैसे बाजारों में विदेशी निवेशकों की बिकवाली बढ़ जाएगी और डॉलर बाहर जाना शुरू हो जाएगा। इसी आशंका में निवेशकों ने गुरुवार को बैंकिंग, रियल्टी, मेटल, ऑयल एंड गैस व एफएमसीजी सेक्टर की कंपनियों में भारी बिकवाली की। साथ ही, चीन में मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां छह माह के निचले स्तर पर आ जाने से एशियाई बाजारों में आई गिरावट का भी घरेलू बाजारों पर असर पड़ा। उधर, जनवरी सीरीज की फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस की एक्सपायरी होने के चलते गुरुवार को बाजारों की धारणा पर वैसे भी दबाव बना हुआ था। वेरासिटी ब्रोकिंग सर्विसेज के रिसर्च प्रमुख जिग्नेश चौधरी ने कहा कि फेडरल रिजर्व द्वारा बांड खरीद कार्यक्रम का आकार 10 अरब डॉलर और घटा दिए जाने से भारतीय शेयर बाजारों पर दबाव रहा।
इससे दुनिया भर के तमाम उभरते हुए बाजारों में कारोबार कमजोर पड़ गया और भारतीय बाजार भी इसी राह पर चले। कोटक सिक्युरिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट ((डेरिवेटिव रिसर्च)) सहज अग्रवाल ने कहा कि पूरी जनवरी सीरीज के दौरान बाजारों पर बिकवाली का खासा दबाव देखा गया। मौद्रिक नीति को और कठोर बनाए जाने और फेड की कटौती ने घरेलू बाजारों में बिकवाली को और बढ़ा दिया। इक्विनॉमिक्स के प्रवर्तक जी. चोकलिंगम ने कहा कि रेट बढ़ोतरी, फेड की कटौती, विदेशी मुद्रा का फ्लो और उभरते हुए बाजारों की प्रतिक्रिया जैसी तमाम नकारात्मक खबरें भारतीय शेयरों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।
बीएसई सेंसेक्स में एसबीआई के शेयर का भाव 3.56 फीसदी, हीरो मोटोकॉर्प का 3.43 फीसदी, सेसा स्टरलाइट का 3.38 फीसदी, हिंडाल्को का 3.35 फीसदी, टाटा स्टील का 3.20 फीसदी, आईसीआईसीआई बैंक का 2.71 फीसदी और एक्सिस बैंक का भाव 2.61 फीसदी टूट गया। साथ ही मारुति सुजुकी में 2.17 फीसदी, एचडीएफसी बैंक में 2.04 फीसदी, कोल इंडिया में 1.93 फीसदी, ओएनजीसी में 1.68 फीसदी, टाटा पावर में 1.37 फीसदी, डॉ. रेड्डीज लैब में 1.35 फीसदी, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 1.32 फीसदी और लार्सन एंड टुब्रो में 1.30 फीसदी की गिरावट रही। दूसरी ओर टाटा मोटर्स का शेयर 2.66 फीसदी, भारती एयरटेल का 2.24 फीसदी, भेल का 1.29 फीसदी और गेल इंडिया का शेयर 1.01 फीसदी चढ़ गया।