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बच्चों ने पपेट्स की हेल्प से बताया ऐसे जीतें अपने डर को
सिटी रिपोर्टर चंडीगढ़
बुधवार को सेक्टर 17 के प्लाजा में चंडीगढ़ चिल्ड्रन थिएटर फेस्टिवल के तहत चार नाटक खेले गए। इसे चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी की ओर से ऑर्गनाइज किया गया था। फेस्टिवल के पांचवे दिन नाटक ‘डर’, ‘मां तुझे सलाम’, ‘इंसान’ और ‘घर चलो’ का मंचन किया गया। इस पर शहर के विभिन्न सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स ने परफॉर्म किया।
शुभाशीष नियोगी के डायरेक्शन में दो प्ले ‘डर’ और ‘मां तुझे सलाम’ का मंचन किया गया। इसमें गवर्मेंट मॉडल स्कूल सेक्टर 20 के स्टूडेंट्स परफॉर्म किया। दोनों ही प्ले में खासतौर पर पपेट्स का इस्तेमाल किया गया। इसमें भ्रष्टाचार, जनसंख्या, डर और मातृभूमि आदि को समझाने के लिए बच्चे अलग-अलग तरह के पपेट्स लेकर खड़े थे। नाटक ‘डर’ के तहत बच्चों ने डर को समझाने की कोशिश की। इसमें यह बताया गया कि हर इंसान को डर सताता है। वहीं डर हावी होने पर वो खुद की पहचान तक खो बैठता है। दूसरे नाटक ‘मां तुझे सलाम’ में देश की विभिन्न समस्याओं के बारे में बताया गया। इसमें भ्रष्टाचार, गरीबी, जनसंख्या वृद्धि जैसे मुद्दों को उठाने की कोशिश की गई। संगीत गुप्ता के डायरेक्शन में ‘घर चलो’ नाटक खेला गया। इसमें डड्डू माजरा गवर्मेंट स्कूल के बच्चों ने परफॉर्म किया। इसकी कहानी गांवों से शहर की ओर माइग्रेट करते लोगों पर केंद्रित है। इसमें एक ब्राह्मण रहता है। जो कर्म की जगह भाग्य पर भरोसा करता है। वहीं शादी होने के बाद परिवार के प्रेशर में वह काम के लिए शहर आता है। जहां उसे यह मालूम पड़ता है कि यहां इंसान एक मशीन की तरह है। यहां उसकी भावनाओं के लिए कोई जगह नहीं है। अंत में वह निश्चय कर गांव लौट जाता है। वहीं निर्देशक अनिता शब्दीश के डायरेक्शन में नाटक ‘इंसान’ खेला गया। इस पर सेक्टर 45 के गवर्मेंट म़ॉडल स्कूल के स्टूडेंट्स ने परफॉर्म किया। नाटक की कहानी एक अच्छा इंसान बनने पर जोर देती है।
पंजाब कला भवन सेक्टर-१६ में शुरू हुई आर्ट एग्जिबीशन २४ जनवरी तक चलेगी।
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आर्ट वर्क कहते हैं
-मलकीत सिंह ने खजियार के एक दृश्य को पेंट किया है। इसमें उन्हें पहाड़ों, घर, मंदिर की घंटी को दिखाया है। कहते हैं कि यह लोकेशन हमारी रिहाइश के बिल्कुल करीब थी। मंैने पहले दिन सब नोटिस किया, और फिर दूसरे दिन उसमें से जो भी याद रहा, उसे अपने कैनवास पर उकेरा। एक दिन बाद इसलिए पेंट किया, ताकि नेचर मुझ पर हावी भी न हो सके।
गुरमीत गोल्डी के स्कल्प्चर में ह्यूमन फिगर्स की मूवमेंट्स को दिखाया है। गुरमीत कहती हैं कि खजियार की हसीन वादियों के बीच हम जिस तरह एंजॉय करते हैं, हमारी बॉडी में भी वैसी ही हलचल होती हैं। कभी लेटते हैं तो कभी बैठकर कुदरत को निहारने लगते हैं। इनका स्कल्प्चर ऐसी ही हलचलें दर्शाता है।
-चरनजीत जैतो ने स्कल्प्चर में एक परिवार बनाया है। वह कहते हैं कि जब हम कुदरत के करीब जाते हैं तो कुदरत हमें और हम कुदरत को एब्जॉर्ब करते हंै। जब संतुष्टि का लेवल आता है तो हमें किसी साथ ही जरूरत पड़ती है। इसलिए उनके स्कल्प्चर में तीन फिगर्स दिखाई देती हैं।
-जसकंवल की फोटोग्राफ्स हमें जिंदगी की उन सच्चाइयों से रू-ब-रू कराती हैं जिन्हें हम जाने-अनजाने नजर अंदाज कर देते हैं। एक फोटोग्राफ में पानी प्रभावी है और पानी को जसकंवल ने समय से रिलेट किया है। इसे क्लिक करने की वजह पर बोलीं, जिस तरह बहता पानी अपने साथ अच्छी और गंदी चीजें, दोनों ले जाता है। इसी तरह पानी के बहाव की तरह ही हमारी जिंदगी में सुख-दुख का आना-जाना होता है।
लेखक जसबीर भुल्लर ने पेंट किया है, ‘अज दिन चढ़ेया तेरे रंग वरगा।’ जसबीर की यह पहली पेंटिंग है। वह बताते हैं कि अकसर पेंटिंग्स खुशी और गम के अंश से अछूती रह जाती है। पर मंैने अपनी पेंटिंग में दूसरे के प्रति मन की खुशी को जाहिर किया है।
 कलाकारों की प्रेजेंस ऑफ मांइड कमाल की थी। फोटो: जसविंदर सिंह
 मेगा कैब्स को लॉन्च करते कंपनी के ओनर फोटो: जसविंदर सिंह
यह है खास
ञ्चपाकिस्तान की डिजाइनर स्टिच्ड और अनस्टिच्ड कुर्तियां।यह लॉन्ग लेंथ कुर्तियां हैं। जॉरजेट और लिनन फैब्रिक में एंब्रॉयडरी, नक्काशी वर्क के अफगानी सूट्स विद प्लाजो। रेंज 1350 से 10000 रुपये।
ञ्चहिमाचल के पारंपरिक डिजाइंस के डिजाइनर सूट। इनमें अनारकली, पारसी और कराची पैटर्न के सूट भी शामिल हैं। और किन्नौरी पैटर्न के डिजाइंस तो अहम ही हैं। रेंज 850 से 2500 रुपये।
ञ्चकॉपर बेस से बनी आर्टिफिशियल जूलरी के डिजाइंस। इनमें मॉडर्न टच के जूलरी डिजाइंस के अलावा हिमाचल प्रदेश की किन्नौरी और दूसरे इलाकों की जूलरी के ट्रेडिशनल डिजाइंस शामिल हैं। इनमें कंगन, झुमके, ईयर रिंग्स की बड़ी रेंज है। कीमत 250 से 1500 रुपये।
क्या: सिल्क अनलिमिटेड
कब: 27 जनवरी तक
समय: 10:30 से 8:30 बजे तक
कहां: लाजपत राय भवन
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 सेक्टर १७ प्लाजा में चल रहे चंडीगढ़ चिल्ड्रन थिएटर फेस्टिवल को ऑर्गनाइजर जे.एस.चन्नी के सहयोग से ऑर्गनाइज किया गयाफोटो: जसविंदर सिंह
 एग्जिबीशन में खरीदारी करने आई महिला फुलकारी डिजाइन की वैरायटी सिलेक्ट करती हुई। फोटो: जसविंदर सिंह
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