क्या कहा लीगल नोटिस में
शिवालिक विकास मंच के प्रधान विजय बंसल ने लीगल नोटिस में कहा है कि जिला पंचकूला के रेजिडेंशियल एरिया में अवैध रूप से लगे मोबाइल टावरों को जल्द हटाया जाए। इनकी रेडिएशन से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इन टावरों से खतरनाक अल्ट्रा किरणें निकलती हैं, जिनसे सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध नहीं होते। इन किरणों का जीव-जंतुओं पर भी बुरा असर पड़ रहा है। अगर इन टावरों पर जल्द कार्रवाई न हुई तो पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी।
मंच ने इन्हें भेजे हैं लीगल नोटिस
ञ्चफाइनेंशियल कमिश्नर और प्रिंसिपल सेक्रेटरी लोकल अर्बन डेवलपमेंट, हरियाणा सरकार
ञ्चडायरेक्टर जनरल, लोकल अर्बन डेवलपमेंट, न्यू हरियाणा सिविल सेक्रेटेरिएट
ञ्चनगर निगम कमिश्नर
ञ्चभारत संचार निगम लिमिटेड, टाटा टेली सर्विस लिमिटेड, भारती एयरटेल लिमिटेड, रिलायंस कम्युनिकेशन लिमिटेड, वोडाफोन, एयरसेल।
भास्कर न्यूज - पंचकूला
शहर के 33 पार्कों के अलावा रेजिडेंशियल एरिया में मोबाइल टावर लगाने की परमिशन देने के मामले में हुडा का विरोध बढ़ता जा रहा है। शिवालिक विकास मंच के प्रधान विजय बंसल ने इस मामले में लोकल अर्बन डेवलपमेंट के फाइनेंस कमिश्नर, प्रिंसिपल सेक्रेटरी और शहर के रेजिडेंशियल एरिया में मोबाइल टावर लगाने वाली कंपनियों को लीगल नोटिस भेजे हैं। नोटिस में कहा गया है कि अगर पार्कों और रेजिडेंशियल एरिया में मोबाइल टावर लगाने वाली कंपनियों को रोका न गया तो हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी।
दूसरी ओर, नगर निगम की मेयर उपिंदर आहलूवालिया ने भी हुडा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मेयर ने कहा है कि जब पार्क नगर निगम के दायरे में आते हैं तो पार्कों में मोबाइल टावर लगाने के लिए हुडा उन्हें किसी कंपनी को ठेके पर कैसे दे सकता है। इसमें हुडा के अफसरों की मिलीभगत साफ नजर आती है।
मेयर ने कहा कि नगर निगम बनने के बाद पार्कों में ब्यूटीफिकेशन का काम शुरू हो चुका है। अगर ऐसे में पार्कों में मोबाइल टावर लगाए जाएंगे तो यह गलत होगा। इस बारे में निगम कमिश्नर को भी बताया गया है। उन्होंने भी हुडा के अफसरों से बात करने को कहा है। उन्होंने कहा कि हुडा के जिन अफसरों ने ऐसा किया है, उनके खिलाफ एक्शन होना चाहिए और पार्कों में टावर लगाने का काम रोकना चाहिए।
सरकार की अधिसूचना का उल्लंघन: बंसल ने कहा है कि 14 मई 2011 को हरियाणा सरकार ने अधिसूचना जारी कर पुराने एवं नए मोबाइल टावर मालिकों को अधिसूचना के नए नियमों के अनुसार लाइसेंस लेने के निर्देश दिए थे। कहा गया था कि मोबाइल टावर लगाने के लिए परमिशन लेनी होगी। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले एवं रिहायशी इलाके में मोबाइल टावर नहीं लगाए जा सकते। जो पुराने टावर लगे हैं, उनसे निकलने वाली खतरनाक अल्ट्रा किरणों से सुरक्षा के लिए भी कदम उठाने होंगे। मोबाइल टावर लगाने की परमिशन देते समय हरियाणा सरकार की इस अधिसूचना का उल्लंघन किया गया है।
मेयर उपिंदर आहलूवालिया ने कहा-निगम के अधीन आते हैं पार्क, तो हुडा ने कैसे दे दी टावर लगाने की परमिशन
शहर के पार्कों में मोबाइल टावर लगाने का विरोध बढ़ा
एफसी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी और मोबाइल कंपनियों को नोटिस