...और एंड में सब ठीक हो जाता है
भास्कर न्यूज - चंडीगढ़
अरे भगवान क्या किया पीट-पीट कर मेरे पति की खिचड़ी बना दी। अरे...यही नाम तो मैं भूल गया और इतनी मार खाना पड़ी। ऐसे ही कॉमिक डायलॉग्स और सीन ने लोगों को खूब हंसाया। मौका था शुक्रवार को सेक्टर 17 के प्लाजा में चिल्ड्रन थिएटर फेस्टिवल के अंतिम दिन का। इसे चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी, डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन और डिपार्टमेंट ऑफ कल्चरल अफेयर के संयुक्त सहयोग से ऑर्गनाइज किया गया था।
फेस्टिवल के अंतिम दिन तीन नाटकों का मंचन किया गया। इसमें ‘पिंकी और एलियन’, ‘खिचड़ी’ और ‘मैं चुप नहीं रहूंगी’ शामिल हैं। इन नाटकों पर शहर के अलग-अलग तीन गवर्नमेंट स्कूल्स के स्टूडेंट्स ने डायरेक्टर रवीन्द्रकुमार, अनीता शब्दीश और संगीत गुप्ता के निर्देशन में परफॉर्म किया। इन नाटकों की खासियत यह थी कि इन्हें बच्चों की कहानियों से तैयार किया गया था। बाद में डायरेक्टर ने उसे इंप्रोवाइज कर एक नाटक के रूप में परिवर्तित किया। इन नाटकों में बच्चों की एक काल्पनिक दुनिया देखने को मिलती है। जिसमें कितनी भी दिक्कत क्यों ना हो लेकिन, एंड में सब ठीक हो जाता है। इस काल्पनिक दुनिया में बच्चों का माता पिता के प्रति प्यार, उनका फैंटेसी वल्र्ड, और कई अकल्पनीय चीज देखने को मिली। फेस्टिवल में सेक्टर 19 के गवर्नमेंट मॉडल स्कूल के स्टूडेंट्स ने नाटक ‘पिंकी और एलियन’ खेला। इस नाटक की कहानी एक छोटी बच्ची पिंकी की काल्पनिक दुनिया पर केंद्रित है। इसमें एलियन, टाइम मशीन, प्यार करने वाले माता पिता और वैज्ञानिक दिखाए गए हैं। वहीं सेक्टर 47 के गवर्नमेंट मॉडल स्कूल के स्टूडेंट्स ने नाटक ‘खिचड़ी’ खेला। इसकी कहानी एक भुलक्कड़ गरीब आदमी पर केंद्रित है। जो अपनी भूल जाने की आदत के चलते कई दफा लोगों से मार खाता है। यह एक कॉमेडी प्ले है।
 चिल्ड्रन फेस्ट में अपनी परफॉर्मेंस देते सेक्टर-१९ गवर्नमेंट मॉडल स्कूल के स्टूडेंट्स। फोटो: भास्कर