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नाका लगाकर ३ केमिस्ट को नशीली दवाओं सहित पकड़ा

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - जीरकपुर/डेराबस्सी
नशीली दवाइयां बेचने वाले केमिस्ट की अब खैर नहीं। पुलिस ने उनकी धरपकड़ के लिए नया फार्मूला अपना लिया है। अब दुकान की जगह पुलिस उन्हें गुप्त सूचना के आधार पर नाकाबंदी कर गिरफ्तार करने लगी है। डेराबस्सी व जीरकपुर में नशा बेचने वाले तीन केमिस्ट को पुलिस ने इसी फार्मूले का इस्तेमाल कर गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
डेराबस्सी के थाना प्रभारी अतुल सोनी ने बताया कि डेराबस्सी बस स्टैंड के पास नाकेबंदी के दौरान आदर्श नगर डेराबस्सी के मनोज कुमार को गिरफ्तार किया गया है जिसकी जिसकी चंद्र अस्पताल के साथ अग्रवाल मेडिकोज के नाम से केमिस्ट की दुकान भी है। मनोज के कब्जे से माइक्रोन सिरप की ९० शीशियां, स्पाज्मा सिपप्लस के ८०० कैप्सूल, डायटिल की ८५ हजार गोलियां बरामद की गई हैं। इसी तरह जीरकपुर पुलिस ने भी मैरीलैंड होटल के पास नाकाबंदी के दौरान बलटाना में गुप्ता मेडीकोज के नाम से दुकान चलाने वाले आशीष गुप्ता व उसके चचेरे भाई विजय गुप्ता को काबू किया। जिनसे रैसकॉफ की 280 शीशियां बरामद की। दोनों मामलों में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
अकेले छापा मारने का अधिकार नहीं: यूं तो केमिस्ट शॉप्स पर पुलिस को अकेले छापा मारने का अधिकार नहीं है। साथ में ड्रग इंस्पेक्टर समेत सेहत विभाग के कर्मी होने अनिवार्य हैं। लेकिन हालात यह है कि ड्रग इंस्पेक्टर्स की नियुक्ति जिला स्तर पर भी पूरी नहीं है। ऐसे में उनकी टीम न समय पर पहुंच पाती है, न ही सभी दुकानों की चेकिंग करने का उनके पास समय रहता है। ऐसे में पुलिस स्वयं ही नाकेबंदी कर नशा बेचने वाले केमिस्टों को पकड़ रही है।