पहले भी हुआ ऐसा
पिछले साल तत्कालीन डीसी आशिमा बराड़ पिंजौर के एक गांव में रात्रि ठहराव के लिए गई थीं। तब भी अफसरों के आने से पहले गांव की टूटी सड़कों और गलियों की रिपेयर कर दी गई थी। इसके बाद रायपुररानी के गांव में डीसी के रात्रि ठहराव के बाद भी ऐसा ही हुआ। भैरली गांव में डीसी के खुले दरबार के बाद भी वहां सड़कें रिपेयर कराई गईं। यानी डीसी जिले में जहां भी रात्रि ठहराव या खुले दरबार के लिए जाते हैं, उस कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की समस्याएं हल कर दी जाती हैं।