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स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की पॉलिसी के तहत सभी थाना प्रभारियों को दी चालान बुक, पहले केवल पांच ट्रैफिक इंस्पेक्टरों को ही चालान बुक दी गई थी
भास्कर न्यूज - मोहाली
यदि अब आप पंजाब के किसी भी जिले से मोहाली काम के लिए आए हैं और गलती से अपने टैफिक नियमों की उल्लंघन कर दी तो आपका चालान तो होगा ही, लेकिन आपको यह फायदा मिलेगा कि जिला ट्रांसपोर्ट ऑफिस के बार बार चालान निकलवाने के लिए चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
क्योंकि आप कटे चालान का मौके पर ही भुगतना कर सके अपनी गाड़ी ले जा सकते हैं। जबकि इससे पहले ऐसा कुछ नहीं होता था। स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी की यह पॉलिसी पहले ही पंजाब के अधिकतर जिलों में चल रही थी लेकिन कुछ दिन पहले ही मोहाली पुलिस ने भी इसे लागू कर दिया। ऑन द स्पॉट चालान पेमेंट से जहां बाहरी जिलो व अन्य राज्यों से आने वाले वाहन चालक को फायदा मिल रहा है। ऑन दा स्पॉट चालान भुगतान के लिए चालान बुक जिले के सभी थाना प्रभारियों को दे दी गई है। जो अपने एरिया में कभी भी नाका लगाकर यातायात रुल्स तोडऩे वालों के खिलाफ चालान काट सकते हैं। जबकि इससे पहले मात्र पांच ट्रैफिक इंस्पेक्टरों को ही चालान बुक दी गई थी। एएसआई से इंस्पेक्टर तक कोई भी कर्मचारी चालान काटने की पावर रखता है।
पहले चालान भुगतान के लिए लगते थे 5 दिन: इससे पहले जब भी किसी का चालान कटता था तो वाहन चालक को भुगतान के लिए जहां कम से कम 5 दिन इंतजार करना पड़ता वहीं घंटों डीटीओ आफिस में भुगतान के लिए कतार में खड़ा रहना पड़ता था। जब भी कोई ट्रैफिक इंस्पेक्टर किसी वाहन चालक का चालान काटता था तो चालान की कापी दे देता था। उसकी एवज में इंस्पेक्टर उस चालक का लाइसेंस या गाड़ी की आरसी रख लेता था। जिसके बाद यह चालक के डाक्यूमेंट दूसरे दिन चालान की डुपलीकेट कापी के साथ संग्लन होकर ट्रैफिक मुंशी के पास जाती है। वहां पर एंट्री होने पर अगले दिन वह चालान डीटीओ आफिस जाता है। जहां पर फिर से कंप्यूटर में एंट्री होने के बाद भुगतान होने पर असली डॉक्यूमेंट वाहन चालक को दे दिया जाता है। इस सारे प्रक्रिया में ट्रैफिक पुलिसकर्मी बाउंड हो जाते थे।
रोजाना 50 हजार तक कलेक्शन
इस काम के शुरु होने से रोजना खंजाने में कम से कम 50 हजार रुपए आ रहे हैं। जो भी इंस्पेक्टर चाहे ट्रैफिक का हो या थाने का चालान काट साथ में पेमेंट लेकर शाम तक फेज-8 स्थित ट्रैफिक दफ्तर में जमा करवा देते हैं। जहां एसपी ने एक विशेष एएसआई की ड्यूटी लगाई है। जो अगले दिन पेमेंट सरकारी खंजाने में जमा करवा देता है।
ई-चालानिंग मशीनें अभी भी खराब
इससे पहले ट्रैफिक पुलिस के पास जो ई- चालानिंग मशीने पड़ी है वह एक साल से बंद पड़ी हुई है। क्योंकि चालान के प्राइज रिवाईज हो गए थे और इन मशीनों पर पुराने वाला सॉफ्टवेयर था। जिसकारण मशीनों को बंद करना पड़ा। अब तक पुलिस डिपार्टमेंट नया सॉफ्टवेयर नहीं डलवा पाया।
70 फीसदी काम हुआ कम
डीएसपी ट्रैफिक रामचंदर सिंह ने बताया कि ऑन दा स्पाट पेमेट से 70 फीसदी वाहन चालकों की पेरशानी में कमी आई है। क्योंकि 30 प्रतिशत ऐसे लोग भी होते हैं जो मौेक पर भुगतान नहीं कर पाते। यह काम पहले ही शुरु हो जाना चाहिए था। खराब ई-चालानिंग मशीनों के लिए आईटी कंपनी से संपर्क किया गया है। जल्द की नए सॉफ्टवेयर डाल उनको सुचारु करवा दिया जाएगा।
पांच दिनों में नहीं, ऑन द स्पॉट होगा चालान का भुगतान