२०० शिकायतों पर सिर्फ आश्वासन
मनोज जोशी - मोहाली
लोगों की समस्या के समाधान के लिए ४ दिसंबर को टोल फ्री हेल्पलाइन शुरू की थी। कहा गया था कि हेल्पलाइन १८००१३७०००७ पर शिकायत आते ही २ से ७ दिन के अंदर समाधान होगा। ऐसा नहीं हो रहा।
नगर निगम की इस हेल्पलाइन पर जो शिकायतें दी जाती है उनमें से अधिकतर शिकायतों को लेकर आश्वासन या गमाडा का काम होने की बात कर निपटा दिया जाता है। सिर्फ सफाई से संबंधित शिकायतों पर ही गौर किया जा रहा है। इस हेल्पलाइन को शुरु किए अभी मात्र ५३ दिन ही गुजरे हैं उसके बावजूद शहर के लोगों इस हेल्पलाइन को समस्या का हल नहीं मान रहे हैं। इन ५३ दिनों में २०० शिकायतें ऐसी हैं जिनका २ या ७ दिन में तो क्या, १५ दिन बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ। इनमें से अधिकतर शिकायतें गमाडा से संबंधित हैं, जिसमें सड़कों का पैच वर्क, पार्कों, पार्क लाइट्स, स्ट्रीट लाइट्स और सीवर से संबंधित हैं।
प्र्रतिदिन 17 शिकायतें मिली: नगर निगम के इस टोल फ्री हेल्पलाइन पर आजतक पिछले ५३ दिनों में १७ प्रतिदिन एवरेज शिकायतें मिली हैं। कुल ९२५ शिकायतें मिली हैं। इनमें से ७२५ शिकायतों का निधान व उनसे संबंधित विभाग की जानकारी शिकायतकर्ता को देने का दावा किया जा रहा है। जो शिकायतें हल की गई हैं उनमें से अधिकतर साफ सफाई, सीवर लाइन साफ करने तथा स्ट्रीट लाइट्स से
संबंधित हैं।
हेल्पलाइन की जानकारी नहीं : फेज-3बी1 में रहने वाली राजिंद्र कौर ने बताया कि निगम में सफाई न होने पर शिकायत देने के लिए हेल्पलाइन नंबर दिया था जिसकी जानकारी शहरवासियों को नहीं है। इसके बावजूद शहर में सफाई कर्मियों की ओर से वहीं कूड़ा उठाया जा रहा है जो कि केवल बिकने वाला हा। इसके साथ ही अधिकतर पड़ी गदंगी वैसे ही पड़ी है। निगम की यह लापरवाही शहरवासियों को चुकानी पड़ रही है। निगम को अपनी हेल्पलाइन के प्रति लोगो को जागरुक करना चाहिए।
४ दिसंबर को शुरू की थी हेल्पलाइन
॥निगम की ओर से जो हेल्पलाइन की गई हैं उसको लेकर रिस्पॉन्स अच्छा मिल रहा है। कुछ एरिया का काम गमाडा के पास है इसलिए उनको लिखा जा रहा है। गमाडा एरिया की समस्या को हल करवाने के लिए भी निगम की ओर से काम कराया जा रहा है। शहर की लीमिट बढ़ाने के साथ गमाडा का एरिया निगम में आ जाएगा और सभी शिकायतों पर कार्रवाई होगी।
बीडी सिंगला, एडिशनल कमिश्नर नगर निगम
फेज-6 बस स्टॉप पर बनाए गए टॉयलेट्स को लेकर पूर्व पार्षद आरपी शर्मा ने टोल फ्री पर शिकायत की थी। शिकायत में बताया था कि लंबे समय से बंद टॉयलेटस को चलाया जाए ताकि लोग इसका फायदा मिल सके। अधिकारियों को जाकर मिलने से पता चला कि यह टॉयलेट्स गमाडा के अधिकार में आते हैं इसलिए निगम कोई कोई कार्रवाई नहीं कर सकता। मगर गमाडा को ठीक करने के लिए लिख दिया गया है। इसके अलावा कई ऐसी शिकायतें जिनको लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई। नगर निगम की हेल्पलाइन पर जो शिकायतें गमाडा से संबंधित हैं उनके समाधान का भी प्रबंध होना चाहिए। गमाडा और नगर निगम मिलकर काम करें।
फेज-6 पूर्व पार्षद आरपी शर्मा ने टोल फ्री हेल्पलाइन पर शिकायत दी कि फेज-6 गुरुद्वारा से मुख्य मार्ग को जोडने वाले स्लिप रोड लंबे असरे से टूटी हुई है। उसे ठीक किया जाए। शर्मा को निगम कार्यालय की तरफ से कोई जवाब नहीं आया तो दुखी होकर वह खुद अधिकारियों से मिलने गए। जवाब मिला कि जिस सड़क को ठीक करने की बात कही जा रही है वो सड़क गमाडा के अधीन है। इसलिए निगम इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकता। गमाडा को इस बारे लिख दिया गया है। निगम ने जवाब ने इस बार कहा कि यह सड़क गमाडा के पास नहीं बल्कि पीडब्ल्यूडी सेंटर वर्कस के अधीन आती है। इसलिए उन्हें ठीक करने के लिए लिख दिया गया है।
फेज-1 के पवन चौधरी ने बताया कि उन्होंने टोल फ्री हेल्पलाइन पर शिकायत दी कि उनके क्षेत्र में स्ट्रीट डॉग की संख्या बढ़ रही। ये डॉग लोगों को काट रहे हैं। 15 दिनों बाद उन्हें फोन कर बताया गया कि स्ट्रीट डॉग को लेकर पुख्ता इलाज नहीं है और न वह उनको मार सकते हैं और न ही इन्हें पकड़ कर बाहर छोड़ सकते हैं। इसके बाद पवन कुमार ने निगम ही हेल्पलाइन पर शिकायत दी कि उनके एरिया की मोहाली की मार्केट में स्ट्रीट लाइटें नहीं जलती हैं जिस कारण सामान लेने आने वाले लोगों को परेशानी आती है इसे ठीक किया जाए। ५ दिनों बाद जवाब दिया कि स्ट्रीट लाइटें अभी ठीक नहीं हो सकती हैं क्योंकि गमाडा द्वारा खुदाई की जा रही है।