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सरवाइकल कैंसर में भारत दुनिया में नंबर वनएशिया में हर मिनट 10 में से 8 मौतें भारत में होती हैं

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - चंडीगढ़
दुनिया में सरवाइकल कैंसर के मामलों में भारतीय पहले नंबर पर हैं। इस कैंसर से बचने का एकमात्र उपाय ये है कि इसकी तुरंत जांच कराई जाए। उन्होंने बताया कि पैप स्मीयर टेस्ट के दौरान सरवाइकल की असामान्य कोशिकाओं का आसानी से पता लगाया जा सकता है। ये बात
मैक्स सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल ((एमएसएसएच)) सीनियर कंसल्टेंट ऑब्सटेट्रिक एंड गाइनोकॉलोजी डॉ. सीमा शर्मा ने सरवाइकल कैंसर और महिलाओं विषय पर हुए लेक्चर में कही। डॉ. शर्मा ने कहा कि हम सरवाइकल कैंसर के विकसित होने के ज्यादा रिस्क वाले जोन में है। हर साल साउथ ईस्ट एशिया में इस कैंसर से मरने वाली 10 महिलाओं में से 8 भारत की हैं। इस वजह से सरवाइकल कैंसर आज देश में महिलाओं के लिए कॉमन कैंसर प्राब्लम बन गई है। हर साल देश में एक लाख से अधिक नए केस सामने आ रहे हैं। इसलिए सरवाइकल कैंसर से बचाव के लिए जागरुकता और एहतियात जरूरी है।
डॉ. शर्मा का कहना है कि सरवाइकल कैंसर का जल्द ही पता चल जाए तो इसका इलाज संभव है। इसके लक्षण 7 से 10 साल तक सामान्य ही नजर आ सकते हैं। इसलिए इसकी पूरी जांच करवाना जरूरी है। लक्षणों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि डॉ. शर्मा ने कहा कि महिलाओं को योनि से ज्यादा असामान्य रक्तस्त्राव होने या पेलविक जांच के बाद रक्तस्त्राव बढऩे पर तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए।