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- शिवालिक क्षेत्र के साथ शिक्षा, विकास व नौकरियों में किया जा रहा है भेदभाव
शिवालिक क्षेत्र के साथ शिक्षा, विकास व नौकरियों में किया जा रहा है भेदभाव
भास्कर न्यूज - कालका
प्रदेश में जब से मुख्यमंत्री भूपेन्द्र हुड्डा ने सत्ता की बागडोर संभाली है। तब से शिवालिक क्षेत्र के साथ शिक्षा, विकास व नौकरियों में भेदभाव किया जा रहा है। ऐसे में न केवल क्षेत्र विकास की दौड़ में पिछड़ गया है, बल्कि बेरोजगारों की संख्या भी ज्यादा बढ़ गई है। यह बात शिवालिक विकास मंच के प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट विजय बंसल ने कही है। बंसल ने कहा कि पिछले दिनों सरकार ने हरियाणा रोडवेज में 1075 बस चालकों की भर्ती की है। इसमें जिला की दो विधानसभाओं में से मात्र तीन बस चालक ही भर्ती किए गए हैं और वह भी मजबूरी में किए गए। क्योंकि सफल अनुसूचित जाति के प्रत्याशियों का कोटा पूरा नहीं हो रहा था, जिससे कोटा पूरा करने के लिए पंचकूला जिला से तीन चालक भर्ती किए गए हैं, जबकि सामान्य वर्ग व पिछड़ा वर्ग से एक भी बस चालक भर्ती नहीं किया गया है। बंसल ने कहा कि बस चालकों की भर्ती में भी सरकार ने जिला पंचकूला के साथ खुलकर भेदभाव किया है।
उन्होंने कहा कि करीब 90 प्रतिशत भर्ती रोहतक , झज्जर व सोनीपत जिलों से की गई हैं। बाहर जिलों के चालक व परिचालक ज्वाइन तो पंचकूला जिला में कर लेते हैं। लेकिन कुछ समय बाद ही वह अपने मूल जिलों में तबादला करवा लेते हैं , जिससे रोडवेज की बस सेवा भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 9 साल के अपने कार्यकाल में करीब 1 लाख भर्ती रोहतक , झज्जर व सोनीपत जिलों से की है। उन्होंने कहा कि
शिवालिक क्षेत्र के साथ हो रहे भेदभाव के विरोध व क्षेत्र को हिस्सेदारी दिलाने के लिए शिवालिक विकास मंच ने मार्च 2013 में अधिकार पद यात्रा का आयोजन किया था और अब मंच कालका से
चंडीगढ़ तक पदयात्रा करके शिवालिक क्षेत्र से हो रहे भेदभाव को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन पत्र सौंपेगा।
बस चालकों की भर्ती में हुआ भेदभाव: बंसल